जबलपुर पुलिस का बड़ा खुलासा: अंतरराज्यीय नकबजन गिरोह का कथित सरगना पप्पू मल्लाह भोपाल से गिरफ्तार, सुनार भी पकड़ा
तिलवारा के अरनव विहार में नकबजनी का मामला; पुलिस का दावा—करीब 10 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर बरामद
जबलपुर। तिलवारा थाना पुलिस ने अरनव विहार में हुई नकबजनी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय बताए जा रहे गिरोह के कथित सरगना प्रेमनाथ उर्फ पप्पू मल्लाह को भोपाल से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने चोरी के जेवर खरीदने के आरोप में अधारताल निवासी सराफा कारोबारी जय प्रकाश सोनी को भी गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर बरामद किए गए सोने-चांदी के जेवरों की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये है। मामले में पुलिस गिरोह के कथित नेटवर्क, पुराने अपराधों और चोरी के माल को ठिकाने लगाने की श्रृंखला की जांच कर रही है।
परिवार गया सिंगरौली, पीछे से टूटा घर का ताला
पुलिस के मुताबिक अरनव विहार निवासी राहुल मिश्रा 20 मार्च 2026 को दोपहर करीब दो बजे परिवार के साथ कार्यालयीन कार्य से सिंगरौली गए थे। अगले दिन सुबह करीब चार बजे उनके मोबाइल पर घर में लगे कैमरे से संबंधित अलर्ट आया।
कैमरे की फुटेज देखने पर घर में किसी व्यक्ति के घुसने की जानकारी सामने आई। राहुल ने अपने भाई सौरभ कुमार मिश्रा को सूचना दी। सौरभ मौके पर पहुंचे तो मुख्य दरवाजे का लॉक टूटा और घर का सामान बिखरा मिला। जांच में सोने-चांदी के जेवर गायब पाए गए। सौरभ की रिपोर्ट पर तिलवारा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
सीसीटीवी और मुखबिरों से पुलिस पहुंची गिरोह तक
पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। जांच के दौरान सूरज उर्फ दाऊ उर्फ डऊआ गौंड, विजय उर्फ नाटी और लखनलाल उर्फ साहिल पटेल को पकड़ा गया।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान तीनों से मिली जानकारी के आधार पर प्रेमनाथ उर्फ पप्पू मल्लाह की भूमिका सामने आई। पुलिस के मुताबिक प्रेमनाथ वारदात से पहले रेकी करने और चोरी के बाद माल को ठिकाने लगाने में भूमिका निभाता था।
भोपाल के गांधी नगर से पकड़ा गया पप्पू मल्लाह
कई संभावित ठिकानों पर दबिश के बावजूद आरोपी के नहीं मिलने पर पुलिस अधीक्षक जबलपुर ने उसकी गिरफ्तारी पर 3 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। बाद में पुलिस को उसके भोपाल में मौजूद होने की सूचना मिली। विशेष टीम ने गांधी नगर क्षेत्र में दबिश देकर उसे अभिरक्षा में लिया और जबलपुर लेकर आई।
नए युवकों को गिरोह से जोड़ने का आरोप
पुलिस प्रेमनाथ उर्फ पप्पू मल्लाह को शातिर नकबजन बता रही है। पुलिस का दावा है कि वह नए युवकों को गिरोह में शामिल कर रेकी, ताला तोड़ने और पुलिस की नजर से बचने के तरीके बताता था।
पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ विभिन्न राज्यों, जिलों और थाना क्षेत्रों में चोरी, नकबजनी और लूट के करीब पांच दर्जन मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इन मामलों की संख्या और वर्तमान कानूनी स्थिति संबंधित पुलिस रिकॉर्ड के आधार पर सत्यापित की जा रही है।
चोरी के जेवर खरीदने के आरोप में सुनार गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में जानकारी मिली कि चोरी के कुछ जेवर साथियों तथा अन्य संबंधित लोगों को दिए गए थे, जबकि कुछ जेवर अधारताल स्थित प्रकाश ज्वेलर्स में बेचने और कुछ ग्राम दलपतपुर स्थित ससुराल के मकान में छिपाने की बात सामने आई।
आरोपी की निशानदेही पर ग्राम दलपतपुर में दबिश देकर पुलिस ने कथित रूप से चोरी का सोने का हार और तीन मंगलसूत्र के पेंडल बरामद किए।
पुलिस का दावा—जेवर गलाकर बनाई गईं 24 गुरिया और अंगूठी
इसके बाद अधारताल स्थित प्रकाश ज्वेलर्स के संचालक जय प्रकाश सोनी को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस का आरोप है कि उसने चोरी के जेवर खरीदे थे।
पुलिस के अनुसार खरीदे गए कुछ जेवरों को गलाकर 24 गुरिया और एक अंगूठी बनाई गई थी। जय प्रकाश सोनी की निशानदेही पर 24 गुरिया, अंगूठी, गला हुआ सोना, चांदी का कड़ा और पायलें बरामद करने का दावा किया गया है।
पुलिस रिमांड पर पप्पू मल्लाह, नेटवर्क की पड़ताल
पुलिस ने प्रेमनाथ उर्फ पप्पू मल्लाह और जय प्रकाश सोनी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया। पुलिस के मुताबिक संपत्ति संबंधी अन्य अपराधों के संबंध में पूछताछ के लिए प्रेमनाथ को पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
पुलिस अब उसके कथित नेटवर्क, पुराने मामलों, अन्य साथियों और चोरी के माल को ठिकाने लगाने की पूरी श्रृंखला की जानकारी जुटा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी की अन्य किन वारदातों में भूमिका रही और चोरी का माल किन लोगों तक पहुंचाया गया।
पुलिस टीम की भूमिका
पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जोन-2 पल्लवी शुक्ला और नगर पुलिस अधीक्षक गढ़ा आशीष जैन के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी तिलवारा बृजेश मिश्रा के नेतृत्व में कार्रवाई की गई।
पुलिस के अनुसार कार्रवाई में उप निरीक्षक उमंग अग्रवाल, प्रधान आरक्षक जयशंकर चौहान, आरक्षक शैलेंद्र पाटकर, पिंटू यादव तथा साइबर सेल के आरक्षक अरविंद सूर्यवंशी और मनोज चौधरी की भूमिका रही।
