दिनदहाड़े मवेशियों के कथित अवैध परिवहन का मामला, ग्रामीणों ने पकड़ा पिकअप
6 मवेशियों को वाहन में भरकर ले जाने का आरोप, तीन लोग हिरासत में; ग्रामीणों ने निगरानी व्यवस्था पर उठाए सवाल
दैनिक रेवांचल टाइम्स - घुघरी। घुघरी थाना क्षेत्र की सलवाह चौकी अंतर्गत ग्राम पंचायत ढेंको में कथित रूप से मवेशियों के अवैध परिवहन का मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों और समाजसेवकों ने संदिग्ध रूप से मवेशियों को लेकर जा रहे एक पिकअप वाहन को घेराबंदी कर रोक लिया। वाहन में 6 मवेशी/पड़े भरे होने की बात कही गई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि मवेशियों को वाहन में क्रूरतापूर्वक भरकर ले जाया जा रहा था। वाहन रोके जाने के बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। मामले में पुलिस द्वारा आगे की कानूनी कार्रवाई किए जाने की जानकारी है।
ग्रामीणों की सतर्कता से पकड़ा गया वाहन
बताया जा रहा है कि ग्रामीणों को पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में मवेशियों के संदिग्ध परिवहन की जानकारी मिल रही थी। इसी बीच बुधवार को ढेंको क्षेत्र में एक पिकअप वाहन संदिग्ध परिस्थितियों में दिखाई दिया। ग्रामीणों ने वाहन को रोककर देखा तो उसमें मवेशी भरे हुए थे।
इसके बाद ग्रामीणों ने तत्काल डायल-112 और स्थानीय पुलिस को सूचना दी। पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद वाहन को अपने कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू की गई।
तीन लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी
पुलिस के अनुसार मामले में तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनमें एक व्यक्ति नैनपुर के जैलवारा क्षेत्र का बताया जा रहा है, जबकि दो अन्य मंडला क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। मामले में उनकी भूमिका और मवेशियों के परिवहन से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।
दिनदहाड़े परिवहन, निगरानी व्यवस्था पर ग्रामीणों के सवाल
घटना के बाद क्षेत्र में पशु परिवहन की निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कई दिनों से संदिग्ध गतिविधियों की चर्चा थी तो संबंधित वाहन निगरानी तंत्र की नजर में पहले क्यों नहीं आया।
मवेशियों को कहां से लाया गया और कहां ले जाया जा रहा था?
क्या इस तरह के वाहनों की नियमित जांच की जा रही है?
क्या मामले की जांच वाहन और हिरासत में लिए गए लोगों से आगे भी बढ़ेगी?
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में मवेशियों के संदिग्ध परिवहन का सिलसिला पहले से चल रहा है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
ग्रामीणों का सवाल है कि यदि संदिग्ध मवेशी परिवहन की जानकारी आम लोगों तक पहुंच रही थी तो संबंधित विभागों की निगरानी में यह मामला पहले क्यों नहीं आया। अब निगाह इस बात पर है कि पुलिस जांच केवल वाहन और उसमें मौजूद लोगों तक सीमित रहती है या मवेशियों के स्रोत, गंतव्य और संभावित खरीद-फरोख्त की पूरी कड़ी तक पहुंचती है।
ग्रामीण बोले—क्षेत्र में दोबारा ऐसा कृत्य नहीं होना चाहिए
तीरथ उर्वेदी, सरपंच पति, ग्राम पंचायत ढेंको ने बताया कि क्षेत्र में काफी दिनों से मवेशियों के संदिग्ध परिवहन की जानकारी मिल रही थी, जिसके चलते ग्रामीण सतर्क थे। बुधवार को मवेशियों से भरे पिकअप वाहन को रोककर देखा गया तो उसमें छह मवेशी भरे मिले। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।
ग्रामीणों का कहना है कि अब आगे की कानूनी कार्रवाई पुलिस के स्तर पर होगी। उन्होंने उम्मीद जताई है कि मामले की पूरी जांच कर क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जाएगी।
अब इन सवालों के जवाब तलाशेगी जांच
मवेशियों को किस स्थान से लाया गया था, उन्हें कहां ले जाया जा रहा था और इसके पीछे कोई संगठित खरीद-फरोख्त या परिवहन नेटवर्क सक्रिय है अथवा नहीं—इन सभी सवालों की वास्तविक स्थिति पुलिस की जांच के बाद सामने आएगी।
.png)