रेवांचल टाइम्स मंडला ग्राम चटरा डुगारिया में देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सीआरपीएफ के वीर शहीद रेवत सिंह उइके का 15वां शहादत दिवस अत्यंत श्रद्धा, सम्मान और गौरव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर गांव के ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं युवाओं ने शहीद स्मारक पर एकत्र होकर पुष्पांजलि अर्पित की तथा उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।कार्यक्रम की शुरुआत शहीद स्मारक पर श्रद्धासुमन अर्पित करने के साथ हुई। उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर वीर सपूत के अदम्य साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति को नमन किया। वक्ताओं ने कहा कि लगभग 15 वर्ष पूर्व कश्मीर में तैनाती के दौरान सीआरपीएफ जवान रेवत सिंह उइके आतंकियों से मुकाबला करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए थे। उन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर देश की रक्षा की और अपने गांव सहित पूरे क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया।
श्रद्धांजलि सभा में ग्रामीणों ने देशभक्ति गीतों एवं प्रेरणादायी भाषणों के माध्यम से शहीद रेवत सिंह उइके को याद किया। वक्ताओं ने युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने तथा देश और मातृभूमि की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने राष्ट्र सेवा, सामाजिक एकता और देशभक्ति का संकल्प भी लिया।
इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता दुर्गेश सिंगरोरे लोधी ने अपने संबोधन में कहा कि वीर शहीद रेवत सिंह उइके ने मातृभूमि का ऋण अपने प्राणों का बलिदान देकर चुकाया है। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि गांव के इस वीर सपूत का नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज किया जाएगा, ताकि भावी पीढ़ियां उनके त्याग, साहस और राष्ट्रप्रेम से प्रेरणा लेकर देश सेवा के लिए सदैव तत्पर रहें।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने शहीद के बलिदान को कभी न भूलने और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे वीर सपूत किसी भी समाज और राष्ट्र की अमूल्य धरोहर होते हैं, जिनका बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
इस अवसर पर ज्ञान सिंह मरावी, अकाल सिंह तेकाम, फगाराम उइके, शंकर लाल, यादव रामसिंह उइके, हरिश्चंद्र तेकाम, चंद्र सिंह उइके, रतन सिंह मरावी, निरूप दास बघेल, भानुवती मरावी, शकुंतला बघेल, ग्राम सरपंच हेमराज राज पंद्रो, उपसरपंच चेन सिंह बिलठारिया सहित भारतीय आम नागरिक देश संघर्ष युवा संगठन के कार्यकर्ता रमेश तेकाम, वीरेंद्र तेकाम, जय सिंह तेकाम, जगदीश मरावी, मानीराम तेकाम एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी के सहयोग से कार्यक्रम गरिमामय एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
