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Thursday, November 16, 2023

महायज्ञ पर जगतगुरु शंकराचार्य को निमंत्रण...


रेवांचल टाईम्स - मण्डला  17 दिसंबर से 25 दिसंबर तक मुख्यालय के देवदरा में आयोजित होने वाले श्री अष्ट लक्ष्मी महायज्ञ में यज्ञाचार्य नीलू महाराज ने ज्योतिष पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज को आमंत्रण दिया है। उन्होंने आनंद पूर्वक यज्ञ सम्पन्नता का आशीर्वाद प्रदान करते हुए यज्ञ में अपनी उपस्थिति का विचार सम्प्रेषण किया है। पं. नीलू महाराज ने बताया कि बीते दिनों पहले श्रीअष्ट लक्ष्मी यज्ञ को लेकर मेहर बाबा कुटी यज्ञ स्थल में ध्वज स्थापित कर किया गया है। इस यज्ञ शाला के अंदर के कलशों में 35 पवित्र नदियों का जल एवं चार समुद्रों का जल एवं 24 तीर्थों की मिट्टी छोड़ी जायेगी जिनमें नैमिसारन्य, काशी, वृंदावन, चारों धाम, जगन्नाथ पुरी, रामेश्वरम, द्वारिका, बद्रीका धाम, हरिद्वार, रेवा सागर संगम पुष्कर की मिट्टी प्रमुख हैं। जो यहां यज्ञ के दौरान देखने को मिलेगी। बता दें कि यह यज्ञशाला वैदिक पद्यति से निर्मित होगी। 9 कुंडीय यज्ञ शाला में पूर्व द्वार पर शंख, दक्षिण द्वार पर चक्र, पश्चिम द्वार पर गदा एवं उत्तर द्वार पर कमल स्थापित किया जायेगा। वहीं खंभात की खाडी गुजरात से लाए गये अति विशिष्ट श्रीयंत्र का मान सरोवर से लाए गये श्रीयंत्र का अभिषेक होगा और रवि पुष्य योग रविवार से श्रीयंत्र का नित्य अर्चन प्रारंभ हो जायेगा जो यज्ञ पर्यन्त चलेगा। अष्टलक्ष्मी महायज्ञ एवं श्रीमद् भागवत महापुराण यज्ञ में जिस गौर गणेश का पूजन होगा यह गौर गणेश की गोबर की मूर्ति भारत की सबसे बड़ी गौशाला जडखोर राजस्थान की गौशाला से लाई गई है यह गौशाला श्रीकृष्ण की नित्य गौ चरण स्थली है। जहां पर 40 हजार गौवंश है। सप्त मृतिका में उपयोग होने वाली गौ रज श्री सूर श्याम गौ शाला चंद्र सरोवर गोवर्धन उत्तर प्रदेश से लाई गई है। चंद्र सरोवर गोवर्धन से जल और मिट्टी लाई गई है यहां चंद्रमा का प्राकट्य हुआ था। साथ ही मानसी गंगा का जल और श्री राधा कुंड का जल गोवर्धन परिक्रमा मार्ग से लाया गया है।

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