BREAKING
जवाहर नवोदय विद्यालय से दो छात्र लापता | एमपी में बड़ा प्रशासनिक फैसला | जबलपुर में सनसनीखेज वारदात
नदी संरक्षण, सुरक्षा एवं पुनर्जीवन अधिनियम का मसौदा सम्मेलन ने मंजूर किया - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

aaj ka akhbar padhen

आज का ई-पेपर

पूरा अखबार पढ़ने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।

ई-पेपर Viewer

Saturday, September 16, 2023

नदी संरक्षण, सुरक्षा एवं पुनर्जीवन अधिनियम का मसौदा सम्मेलन ने मंजूर किया




दैनिक रेवांचल टाइम्स - मंडला आज नर्मदा बचाओ आंदोलन द्वारा राष्ट्रीय नदी घाटी मंच का सम्मेलन यादव भवन नवलपुरा बडवानी में आयोजित किया गया।जिसमें कावेरी,गोदावरी, तीस्ता, महानदी,तापी,कोसी,भागीरथी,गंगा,साबरमती, ब्रह्मपुत्र,पेरियार, कृष्णा,पार्वती, कारम,वांग,पेंच, चम्बल आदि नदियों को बचाने वाले के लिए काम कर रहे जन संगठन और विशेषज्ञ शामिल हुए।सम्मेलन की भूमिका को रखते हुए मेधा पाटकर ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन के कारण देश के नदियों का अस्तित्व खतरे में पङ गया है।इसे बचाने के लिए एक केन्द्रीय कानून की आवश्कता है।आज इस सम्मेलन में कानून मसौदा पर चर्चा होकर इसे  पारित किया जाएगा।यह कानून आज समय की मांग है और प्रत्येक नागरिक समाज का दायित्व है इस कानून को बनवाने में सक्रिय सहयोग प्रदान करें।अन्तरराष्ट्रीय गोल्डमेन अवार्ड विजेता उङीसा के प्रफुल्ल समांत्रा ने अपने उद्बोधन करते हुए कहा कि जंगल को संरक्षित,हवा प्रदुषण, जल प्रदूषण के लिए कानून है।मगर नदी एक जीवित इकाई है, को संरक्षित करने के लिए कोई कानून नहीं है।देश के लिए यह कानून अति आवश्यक है और इसे हम हासिल करके के रहेंगे।केरल के सी.एल निलकंदन ने कहा कि नदी की पहचान बहते हुए पानी से होती है।जिसे बांध बनाकर खत्म किया जा रहा है।उत्तराखंड से आए समीर रतूङी ने जोशीमठ के हादसे को अनियंत्रित विकास को जिम्मेदार माना।उत्तर प्रदेश के अशोक प्रकाश ने कहा कि देश की जनता को समझना होगा कि कार्पोरेट अपने मुनाफा के लिए नदियों पर कब्जा कर रहा है।बिहार के महेन्द्र यादव कोशी नदी का बाढ और जमीन कटाव के कारण गांव का गांव विलुप्त हो रहा है।महाराष्ट्र के बुधा डामसे ने नदियों पर निर्भर मछुआरों के पहला अधिकार को सुनिश्चित करने की बात रखी। ब्रह्मपुत्र नदी आसाम से विधुत सैकिया ने कहा कि नार्थ इस्ट में जो कुछ हो रहा है उसका राष्ट्रीय समाचार में कोई चर्चा नहीं होता है।जबकि इसे ब्रह्मपुत्र नदी के उपर अरूणाचल प्रदेश में  जल विद्युत उत्पादन के लिए बङा बांध बनाया जा रहा है।इस विधेयक मसौदा को उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता संजय पारिख, राज्य सभा सांसद अनिल हेगङे,देबू राय सांसद पश्चिम बंगाल, नर्मदा न्यास की अमृता सिंह और पूर्व विधायक डाक्टर सुनिलम ने इस विधेयक मसौदा का समर्थन किया और आश्वासन दिया कि इसे संसद तक पहुंचाने में सक्रिय सहयोग देंगे।

 इस कार्यक्रम में भरत सिंह झाला और नारायण गढवी गुजरात,  अराधना भार्गव छिन्दवाङा,गीता मीणा नर्मदापूरम,चन्द्र कांत चौधरी महाराष्ट्र, सुप्रतिम कर्मकार बंगाल, बरगी बांध विस्थापित संघ के राज कुमार सिन्हा,सनोबर बी मंसूरी, वाहिद मंसूरी,ओम पाटीदार, मुकेश सिपाही, सुरेश प्रधान, गेंदिया बाबा, कुमारी डिम्पल, सियाराम पाढवी,सादिक भाई चंदेल, राजन मंडलोई, कैलाश यादव,कमला यादव, रामेश्वर सोलंकी, श्यामा मछुआरा, राहुल यादव आदि ने संबोधित किया।

No comments:

Post a Comment