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Tuesday, September 19, 2023

ऐंठन से लेकर ब्लोटिंग तक, पेट की गर्मी से हो सकती हैं 8 समस्याएं; इन आयुर्वेदिक तरीकों से पेट को रखें ठंडा



बदलते मौसम के दौरान हमारे शरीर का इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ जाता है, जिससे तरह-तरह की बीमारियां हमें जकड़ लेती हैं. लोगों को कई बार पेट की समस्या से भी गुजरना पड़ता है. इसमें से सबसे आम है पेट की गर्मी, जो काफी तकलीफदेह होती है. यह समस्या बेचैनी, पेट दर्द और सूजन जैसी परेशानियां पैदा करती है. अगर यह समस्या लंबे समय तक रहती है, तो गंभीर बीमारियां हो सकती हैं. इस स्टोरी में हम आपको बताएंगे कि पेट की गर्मी बढ़ने के क्या कारण हैं और इससे कौन-कौन सी बीमारियां हो सकती हैं. साथ ही हम आपको कुछ आयुर्वेदिक उपाय भी बताएंगे, जिनसे आप इस समस्या से राहत पा सकते हैं.

पेट की गर्मी बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे- शरीर में पानी की कमी, मसालेदार भोजन का सेवन, धूम्रपान और शराब का सेवन या अत्यधिक तनाव. इसके अलावा, पेट में संक्रमण, अल्सर और गैस्ट्र्रिटिस की समस्या के कारण भी पेट में गर्मी हो सकती है. इस समस्या के दौरान पीड़ित को पेट में गैस, जलन, ब्लोटिंग, उल्टी, भूख का कम लगना, पेट में दर्द, पेट में ऐंठन या दस्त की दिक्कत हो सकती है.

एलोवेरा: एलोवेरा का जूस पाचन तंत्र को ठंडा रखता है. आंतों की गर्मी व पेट में जलन में राहत मिलती है. साथ ही इसका जूस शरीर को देर तक हाइड्रेट रखता है.

धनिया: धनिया के बीज और पत्ते आपने ठंडे गुणों के लिए जाने जाते हैं. धनिये के पत्तों या बीजों की हर्बल चाय बनाकर पिएं. धनिये का पानी पाचन क्रिया को सक्रिय रखता है. रोज सुबह खाली पेट पिएं.

सौंफ: सौंफ पाचन तंत्र की गर्मी कम करती है. खाने के बाद नियमित सेवन जलन व एसिडिटी को कम करता है. सौंफ का पाउडर, चाय या शरबत किसी भी रूप में ले सकते हैं.

पुदीना: पुदीने की पत्तियां ठंडक और ताजगी से भरपूर होती हैं. पुदीने की चाय या इन्फ्यूज्ड पानी आंत को ठंडा करने, सूजन कम करने और पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करता है.

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