BREAKING
जवाहर नवोदय विद्यालय से दो छात्र लापता | एमपी में बड़ा प्रशासनिक फैसला | जबलपुर में सनसनीखेज वारदात
नाग पंचमी पर इन नागों की होती है पूजा? जानें क्या है भोलेनाथ से कनेक्शन - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

aaj ka akhbar padhen

आज का ई-पेपर

पूरा अखबार पढ़ने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।

ई-पेपर Viewer

Thursday, August 3, 2023

नाग पंचमी पर इन नागों की होती है पूजा? जानें क्या है भोलेनाथ से कनेक्शन



हिंदू धर्म में नागों को भगवान शिव के गले की शोभा माना जाता है और उनको देवता मानकर पूजा जाता है. सावन के महीने में हर साल नाग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है. इस दिन नाग देवता की पूजा की जाती है और नागों को दूध पिलाया जाता है. इस साल नाग पंचमी 21 अगस्त को मनाई जाएगी, इस दौरान भगवान भोलेनाथ के प्रिय अष्टनागों को पूजा जाएगा. सावन का महीना भगवान महादेव को बहुत ही प्रिय है. इस प्रिय महीने में भोलेनाथ के प्रिय नागों की पूजा करने से महादेव प्रसन्न होते हैं.

नागपंचमी पर किन आठ नागों को देवता स्वरूप पूजा जाता है जानें यहां.वासुकी नाग : वासुकी नाग को भोलेनाथ के गले का श्रृंगार माना जाता है. इसे शेषनाग का भाई माना गया है. मान्यता है कि समुद्र मंथन के वक्त रस्सी की जगह वासुकी नाग को ही मेरप पर्वत पर बांधकर इस्तेमाल किया गया था.वासुकी नाग ने ही बचपन में वासुदेव द्वारा नदी पार करते समय भगवान कृष्ण की रक्षा की थी.
अनन्त नाग : अनन्त नाग को अष्टनागों में अहम माना गया है.उनको भगवान श्रीहरि का सेवक माना जाता है. इनको शेषनाग भी कहा जाता है. माना जाता है कि अनंत नाग के फन पर ही धरती टिकी हुई है. अनंत का मतलब है कि जिसका अंत न हो सके. शास्त्रों के मुताबिक अनंत नाग की उत्पत्ति प्रजापतियों से हुई है.
पद्म नाग : पद्म नाग को असम में नागवंशी कहा जाता है.पद्म नाग को महासर्प कहा गया है. मान्यता के मुताबिक पद्म नाग गोमती नदी के पास शासन करते थे. बाद में ये नाग मणिपुर में जाकर बस गए थे.
महापद्म नाग : नाग पंचमी पर पूजे जाने वाले महापद्म नाग का नाम शंखपद्म भी है. उनके फन पर त्रिशूल का निशान बना हुआ है और .ह सफेद रंग के होते हैं. इनके नाम का वर्णन विष्णु पुराण में भी है.
तक्षक नाग : माना जाता है कि तक्षक नाग पालात में रहते हैं. इनका वर्णन महाभारत में भी किया गया है. इनकी मां का नाम क्रूद है और पिता का नाम कश्यप है.
कुलीर नाग : कुलीर नाग को ब्राह्मण कुल का माना जाता है. शास्त्रों में इनका संबंध जगत पिता ब्रह्मा जी से बताया गया है. कुलीर नाग अष्टनागों में से एक हैं और इनकी पूजा नाग पंचमी पर की जाती है.
कर्कट नाग : कर्कट नाग को भगवान महादेव का एक गण माना जाता है. यह नाग बहुत ही भयानक दिखते हैं.मान्यता के मुताबिक कर्कट नाग की पूजा करने से काली के श्राप से मुक्ति मिलती है.
शंख नाग : शंख नागों को नागों में सबसे तेज बुद्धि वाला माना गया है. शंख नागों की अष्टनागों में खास जगह मानी जाती है. नाग पंचमी के दिन इनकी भी पूजा की जाती है.
कालिया नाग : कालिया नाग को बहुत ही जहरीला नाग माना जाता है.इसको पांच फन वाला नाग बताया गया है, मान्यता के मुताबिक कालिया नाग यमुना में रहता था.
पिंगल नाग : अष्टनागों में पिंगल नाग भी खास माने जाते हैं. इनका संबंध महादेव से है. नाग पंचमी पर इनकी पूजा भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए की जाती है.

No comments:

Post a Comment