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Sunday, May 14, 2023

क्या आप भी तांबे के बर्तन में पीते हैं पानी? किडनी और लिवर डैमेज होने से पहले जान लें ये जरूरी बात



कई सारे लोग पानी पीने के लिए तांबे का बर्तन खरीदते हैं, क्योंकि तांबे में एक खनिज होता है जो हमारे शरीर के लिए फायदेमंद होता है. हालांकि कुछ लोगों के मन में यह सवाल होता है कि क्या तांबे की बोतलों से नुकसान भी हो सकता है. वास्तव में, लंबे समय तक तांबे के बर्तन में पानी को रखने से पानी विषैला हो सकता है और इससे शरीर को नुकसान पहुंच सकता है. तांबे के बर्तनों में अधिकतम समय तक पानी नहीं रखना चाहिए, उन्हें नियमित अंतरालों में साफ करना चाहिए और स्टेनलेस स्टील या ग्लास की बोतलें प्राथमिकता देनी चाहिए. इससे आप अपने शरीर को नुकसान से बचा सकते हैं.


नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ ऑफ डाइटरी सप्लीमेंट्स के अनुसार, तांबे की बोतल में रखा पानी पीना फायदेमंद होता है, लेकिन इसे हर समय पीना सही नहीं होता क्योंकि यह शरीर में तांबे की विषाक्तता को बढ़ा सकता है, जिससे सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है. बोतल को पानी से भरकर रखने से जंग लग सकता है जो कई हेल्थ प्रोब्लम्स को और बढ़ा सकता है. तांबे की बोतल से लंबे समय तक पानी पीने से उल्टी और दस्त जैसे लक्षण हो सकते हैं. इस तरह के लक्षणों के मुख्य कारण तांबे की विषाक्तता हो सकती है, जो लिवर और किडनी के नुकसान के खतरे को बढ़ा सकती है.

कहा जाता है कि रोज तांबे की बोतल में पानी पीने से तांबे के क्रिस्टल कुछ मात्रा में खून में मिलने लगते हैं, जो किडनी और लिवर को नुकसान पहुंचा सकते हैं. इसके अलावा, इससे सांस लेने पर नाक और गले में जलन हो सकती है और चक्कर आने और सिरदर्द जैसे लक्षण अनुभव हो सकते हैं. तांबे की बोतल से लंबे समय तक पानी पीने से उल्टी और दस्त जैसे लक्षण हो सकते हैं, जो इससे भी आपके लिवर और किडनी को नुकसान पहुंचा सकते हैं.

नुकसान से कैसे बचें?
तांबे की बोतल से होने वाले संभावित नुकसान को रोकने के लिए हमें तांबे के अपने डेली सेवन को सीमित करना चाहिए. दिन में केवल 2-3 बार तांबे की बोतल से पानी पीना चाहिए ताकि शरीर में तांबे की विषाक्तता नहीं होती. दिन भर इसका पानी न पिएं, इससे आपको फायदे की जगह नुकसान हो सकता है. तांबे की बोतल में पानी को रात भर 6-8 घंटे के लिए स्टोर करने के बाद सुबह इसे पीने की भी सलाह दी जाती है.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. इसे अपनाने से पहले चिकित्सीय सलाह जरूर लें.दैनिक रेवांचल टाइम्स  इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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