आजकल की लाइफस्टाइल में ब्लूटूथ हेडफोन या ईयरफोन हमारी डेली लाइफ का एक अहम हिस्सा बन गए हैं। घंटो बातचीत करने या फिर पसंदीदा गाने सुनने, एक्सरसाइज करने के दौरान इसका चलन तेजी से बढ़ा है। स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियां फोन और अन्य गैजेट्स के साथ हेडफोन को लेकर भी लगातार कई अपडेट करते रहते हैं। लेकिन ब्लूटूथ हेडफोन या ईयरफोन का इस्तेमाल आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है। एक रिसर्च में इस बात का खुलासा हुआ है।
हो सकता है ब्रेन कैंसर तक
एक रिसर्च के अनुसार, डिवाइस से निकलने वाली रेडियो फ्रीक्वेंसी से कई तरह की बिमारी हो सकती है। इसमें यूजर्स बहरेपन से लेकर ब्रेन कैंसर तक की बीमारी शामिल है। दरअसल, ब्लूटूथ और फोन या दूसरे उपकरणों का कनेक्शन रेडियो फ्रीक्वेंसी रेडिएशन की मदद से होती है। इसी वजह से ब्लूटूथ हेडफोन में किसी तरह के केबल या वायर का इस्तेमाल नहीं होता।
हो सकती है ये समस्याएं भी
ब्लूटूथ हेडफोन या एयरबड्स से निकलने वाले रेडिएशन की वजह से दिमाग पर बुरा असर पड़ सकता है। इसकी वजह से सिर दर्द या नींद न आने जैसी समस्याएं भी हो सकती है। वहीं लगातार ऊंची आवाज में गाना सुनने से कम सुनाई देने या बहरेपन जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। हेडफोन के ज्यादा इस्तेमाल से कान के पर्दे पर भी बुरा असर पड़ता है। तेज आवाज से कान के परदे पर लगातार वाइब्रेशन होता है. इससे कान के पर्दे फटने की आशंका होती है।
न्यूरोलॉजिकल बीमारियों का भी खतरा
नॉन-आयोनाइजिंग रेडिएशन के डायरेक्ट कॉन्टैक्ट में लगातार रहने से ब्रेन टिश्यू के नुकसान होने का खतरा होता है। इससे यूजर्स को न्यूरोलॉजिकल बीमारियों की भी दिक्कतें हो सकती है। इसके अलावा किसी अन्य का हेडफोन इस्तेमाल करने से कान में इन्फेक्शन होने का खतरा होता है।
ऐसे बचें ब्लूटूथ हेडफोन से निकलने वाली रेडिएशन से
ब्लूटूथ हेडफोन या इयरबड्स का ज्यादा और लंबे समय तक इस्तेमाल न करें। दिनभर में एक घंटे से ज्यादा इयरफोन का इस्तेमाल न करें। इस्तेमाल न होने पर फोन और अन्य गैजेट्स को शरीर से दूर रखें। लंबे समय तक गाना सुनने या वीडियो देखने को लिए स्पीकर का इस्तेमाल करें। सस्ते की बजाय अच्छे क्वालिटी वाले इयरफोन का इस्तेमाल करें। सोते समय फोन समेत अन्य गैजेट्स को दूर रखें।

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