सेटिंग में कही बदल न जाये कांजी हाउस का चार्ज अधिकारियों के खास होने और फर्जी बिलो की फाइल चलाने वाले कर्मचारी पर मेहरवानी.. - revanchal times new

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Saturday, January 14, 2023

सेटिंग में कही बदल न जाये कांजी हाउस का चार्ज अधिकारियों के खास होने और फर्जी बिलो की फाइल चलाने वाले कर्मचारी पर मेहरवानी..




रेवांचल टाईम्स - आदिवासी जिला मण्डला भ्रष्टाचार ग़बन और भ्रस्टो का चरागाह बना हुआ है इस जिले में आप पैसे के दम पर कुछ भी कर सकते है सांसद, विधायक सब के सब आपके आगे पीछे दुम हिलाते नजर आऐंगे क्योंकि इन जनप्रतिनिधियों केवल पैसा से प्यार है जनता कौन है उनके साथ कौन क्या कर है क्या हो रहा है कोई मतलब नही बस इन्हें पांच साल बाद बोटरो कि याद आती है और इन जनप्रतिनिधियों को ये पता है कि जनता यानी वोटर, वोट के बदले हमसे भी कुछ न कुछ मांगती है तो हमे क्या हमने तो इनसे बोट मांगा नही खरीदा है। शायद इसलिए भी इस जिले के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि नजर नही आते है।

              वही जानकारी के अनुसार जिले के अंतर्गत आने वाली नगर परिषद निवास में एक दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी मोहन मरूआ यहां पदस्थ अधिकारियों के खास बने हुए हैं जिसके कारण यह लोक निर्माण विभाग का काम कर रहे हैं मगर कांजी हाउस पर अपना कब्जा बनाए हुए हैं लगातार समाचार पत्रों में खबर प्रकाशन के बाद ऐसा ना हो कि अधिकारियों से सांठगांठ कर कांजी हाउस का प्रभार अपने पास रख ले और कांजी हाउस में अपना कब्जा बरकरार रखें निवास नगर परिषद में इन दिनों समस्त कार्य सेटिंग से चल रहे हैं हो सकता है यह काम भी सेटिंग में हो जाए बता दें कि यह कर्मचारी यहां आने वाले समस्त अधिकारियों का खास है और समस्त फर्जी बिलों की फाइल चलाने में महारत हासिल है अगर नगर परिषद मैं फर्जी बिलों की फाइलों को देखा जाए तो हर फाइलों में इन्हीं की हैंडराइटिंग मिलेगी।

अधिकारी के साथ मिलकर करते है बारा न्यारा किया गया एक दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी जिसको महज ₹10000 की वेतन मिलती है वह फोर व्हीलर और मोटरसाइकिल से चल रहे है और अकूत संपत्ति अर्जित की है इनका रहन-सहन भी किसी अधिकारी से कम नहीं है अगर इस दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी की जांच की जाए तो अनेको चीजे की सच्चाई निकल कर सामने आएगी। पूरे नगर परिषद में जनचर्चा का विषय है कि इनके द्वारा फर्जी बिलों की फाइलों को चलाकर सरकारी राशि आहरण की जाती है और उसमें से मोटा कमीशन भी रखा जाता है विगत दिनों निवास नगर परिषद में मुख्य नगरपालिका अधिकारी मीना कोरी रही जिनके कार्यकाल में अनेकों सामान की खरीदी की गई जिन समस्त सामग्री की फाइल इन्हीं के द्वारा चलाई गई अनेकों काम कागजों में ही हो गए उसके बाद भी इनके द्वारा नाही नगर परिषद के पदाधिकारियों को और ना ही अध्यक्ष को इसकी सूचना दी गई इससे यह साबित होता है कि अधिकारियों के साथ मिलकर फर्जी बिलों को पास कराने में इनका अहम योगदान रहता है।

की गई शिकायत मुख्य नगर पालिका  अधिकारी मीणा कोरी के समय में की गई जिसमे खरीदी की शिकायत परियोजना अधिकारी शहरी विकास अभिकरण मंडला से की गई थी जिसकी उनके द्वारा जांच भी की गई थी और उन समस्त फाइलों में इन्हीं दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी की हैंडराइटिंग मिली थी उसके बाद भी मामला शांत हो गया दो समझ के परे है।

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