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एम डी एम रसोईया अपनी मांगों को लेकर तीन दिन-रात डटे रहे सड़कों पर निकाली रैली...




रेवांचल टाईम्स - मंडला, कड़कड़ाती ठंड में खुले आसमान के नीचे तीन दिन और  दो रात गुजारकर विशाल रैली के साथ ज्ञापन सौप किया सरकार का ध्यानाकर्षण

रसोईया उत्थान संघ समिति मध्य प्रदेश के बैनर तले जिले के  हजारों रसोईयों नेमंडला में 7 दिसंबर से 9 दिसंबर तक 3 दिवसीय धरना प्रदर्शन कर 9 दिसंबर को विशाल रैली और ज्ञापन कर सरकार को अल्टीमेटम दिया है। जिसमें रसोईया संघ पदाधिकारियों ने अवगत कराया है, कि 19 दिसंबर से चलने वाले विधानसभा सत्र के दौरान रसोईयों की जायज मांगें पूरा नहीं की जाती है,तो जल्द ही अनिश्चितकालीन हड़ताल कर सरकार से अपना हक लेकर मानेंगे। अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर भी सरकार पर नहीं पड़ती है,तो आने वाले विधानसभा चुनाव 2023 में इस सरकार को बदलने के लिए ताबड़तोड़ मेहनत कर हम पर हो रहे अन्याय का बदला चुकाने से नहीं चूकेंगे। मध्यप्रदेश में साढ़े चार लाख से अधिक रसोईया प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में मध्यान्ह  भोजन पकाने का काम मात्र 2000 रुपये पाकर लगभग 35 वर्षों से करते आ रहे हैं। साथ ही मध्यप्रदेश के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में साझाचूल्हा कार्यक्रम के अंतर्गत नाम मात्र मानदेय 500 रुपये महीने पाकर पूरा दिन काम करने को विवश हैं।इन सभी रसोईयों का सरकार पर आरोप है,कि आज तक हमारी नौकरी पक्की नहीं की गई ना ही मानदेय सम्मानजनक और परिवार चलाने लायक भी नही बढ़ाया गया है। जिसके कारण रसोइयों के परिवार का भरण पोषण हाल में ही मिलने वाली राशि 2000 रूपए महीने से नहीं हो पाता है और रसोइयों का परिवार हमेशा आर्थिक तंगी में बना रहता है. जिससे उधार कर्ज से हमेशा पूरा परिवार डूबा रहता है. रसोईया काम भी इस साल में सिर्फ 10 महीने ही मिल पाता है। गर्मियों के दिन में काम से अगल भी कर दिया जाता है।

तमाम योजनाओं के नाम पर के रसोइयों को अलग न करे सरकार

 कुछ दिनों से तो स्कूल मर्ज किए जाने,दर्ज संख्या कम बता कर, सी.एम.राइज स्कूल खोले जाने और एक शाला एक परिसर जैसी निजीकरण को ताकत देने वाली योजनाओं को थोपकर सरकार रसोईयों का रोजगार छीनना बंद करे।इस तरह रसोइयों की रोजी-रोटी हमेशा खतरे में डली रहती है।

हाल ही के विधानसभा सत्र में प्रस्ताव पास करने की मांग

  रसोई उत्थान संघ समिति मध्यप्रदेश के द्वारा मांग की गई है,  कि 19 दिसम्बर 2022 से चलने वाले मध्य प्रदेश विधानसभा सत्र के दौरान विधानसभा पटल पर रसोइयों की पक्की नौकरी और रसोइयों को सम्मानजनक वेतन के लिए प्रस्ताव पास कर रसोइयों की तकलीफ हमेशा के लिए खत्म किया जाए। हम मध्य प्रदेश में समस्त लगभग साढ़े तीन लाख रसोइयों की ओर से प्रधानमंत्री, महामहिम राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री और महामहिम राज्यपाल की ओर यह ज्ञापन पहुंचा कर ध्यानाकर्षण कराया गया है। 

इनका मिला आंदोलन को समर्थन

जनपद अध्यक्ष मंडला सोनू भलावी और आम आदमी पार्टी मंडला ने धरना स्थल पर पहुंचकर रसोईयों की मांग को जायज बताते हुए आंदोलन का समर्थन किया है।इनके अलावा तमाम समाजसेवियों और जनता जनार्दन का भी अपार समर्थन मिल रहा है।

आंदोलन में इनकी रही है मुख्य भूमिका

संघ समिति के संयोजक 

 पी.डी खैरवार, तीरथ लाल साहू, अमरवती परते, गंगोत्री विश्वकर्मा,सुरेश बघेल, कोषाध्यक्ष जयंती अहिरवार,कृष्णा धार्वैया,गायत्री पड़वार, गीता विश्वकर्मा, गोविंद यादव,कुंवर सिंह मरकाम,सुमंत्री बाई पड़वार ,धनसिंह परते,सलाहकार जमुनिया साहू,बृहस्पति धुर्वे सहित पदाधिकारी गण पूरे समय धरने का नेतृत्व करते रहे।

पी.डी.खैरवार

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