रेवांचल टाईम्स - आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला अधिकारी के नए नए आयाम स्थापित कर जो की पदक से सम्मानित करने जैसे कार्य कर रहे हैं और जिन्हें इन्हें रोकने की जिम्मेवारी दी है वह घोड़े गधे बेच आराम फरमा रहे है निचने स्तर के अधिकारी कर्मचारी मनमाने तरीके से कार्य कर रहें।
वही आज तक नही मिला 7 लोगों को प्लॉट और पूर्व पटवारी बना रहा बड़ी योजना राजस्व विभाग बेख़बर
राजस्व विभाग क्यों नही हो रहा है। सचेत पूर्व पटवारी के पास है। करोड़ो की संपत्ति फिर नही हो रही हैं। कार्यवाही
नैनपुर में क्रमांक 15 में अवैध रूप से कॉलोनी का मामला शांत होने का नाम नही ले रहा है। जिसमें हर रोज कोई ना कोई नया मोड़ आ रहा है। वही प्रशासन की फजीहत उसके कर्मचारियों की कारगुजारियों के कारण जबाब देने में सोचना पड़ रहा है। क्योंकि पटवारी प्रदीप उसराठे ने अपने कार्यकाल में जमकर अवैध कालोनियों को संरक्षण दिया हुया था। जिसके कारण नैनपुर नगर में अवैध कालोनियों की बाढ़ आ गई है। नैनपुर नगर के हर मोहल्ले में अवैध कॉलोनी है। मगर प्रशासन को जानकारी है। सिर्फ प्रशासन में बैठे अधिकारी ही बता सकते हैं। क्या होने वाला है वही पूर्व पटवारी के दलाल नगर में बड़ी घटनाओं को अंजाम दे रहें हैं। और कुछ के लिये योजना बना रहे हैं। वही जिला प्रशासन फिर मोन साधना में है। क्यों बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है।
अवैध कॉलोनी का राज खुला तो वर्तमान पटवारी का वीडियो बना कर दिया वायरल
नैनपुर नगर में अवैध कालोनियों का बॉस कहे जाने वाले पटवारी और उसके दलाल ने पूर्व पटवारी के कार्यकाल में करोड़ों की संपत्ति परिवार और ससुराल के लोगों के नाम पर ली है। जिसकी शिकायत भोपाल से लेकर हर जांच एजेंसी में पीड़ितों के द्वारा की गई है। मगर जाँच कार्यवाही के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई हैं। जिसके कारण शासन प्रशासन को सिर्फ पूरे मामले में ना के बराबर जानकारी है। क्योंकि विभाग के जानकारो ने बतया है। कि पूर्व पटवारी और उस से जुड़े लोग हर जगह चर्चा कर रहें हैं। कि हमने जिला प्रशासन से साठगांठ कर ली हैं। अब कोई कार्यवाही नही होने वाली हैं। मगर प्रशासन के द्वारा प्रदीप उसराठे पटवारी पर कोई कार्यवाही नही होने के कारण प्रशासन पर तरह तरह के आरोप लग रहें है । वही जिला प्रशासन पटवारी को जिले से बाहर नही कर रहा हैं। और जिसके कारण जिला प्रशासन की छवि लागतार धूमिल हो रही हैं। और पूर्व पटवारी प्रदीप उसराठे के हौसले लगातार बुलंद हो रहें है। क्योंकि वह परदे के पीछे से राजस्व विभाग को नुकसान पहुँचा रहा हैं। और आपने आप को साफ सुथरा बता कर निकल जाए रहा है। वही प्रदीप उसराठे के राज खुलने लगें है। जानकारी के अनुसार पूर्व पटवारी ने एक प्राइवेट स्कूल को तय भूमि से अधिक भूमि पर और शासकीय भूमि पर कब्जा करवा कर पक्का निर्माण करवा दिया है। मगर प्रशासन क्यों आँख बंद करके बैठा है समझ से परे है।
पूर्व पटवारी ने वर्तमान पटवारी का वीडियो बनवाया और कर दिया वायरल
वही वार्ड नं0 15 के मामले में वर्तमान पटवारी ने राज खोल तो पूर्व पटवारी के सारे काले कारनामे उजागर हो गये। जिसके कारण आपसी देवेष और प्रतिस्पर्धा के कारण वर्तमान पटवारी का वीडियो अपने किसी नजदीकी व्यक्ति को भेजकर पैसे लेने का वीडियो बना लिया और जिला प्रशासन से लेकर तामाम् पत्रकारों को भी दिया गया। जिसको टीवी और समाचार में जमकर प्रकाशन किया गया हैं। जिसके चलते वर्तमान पटवारी गहरे सदमे हैं।और डरी हुई भी हैं। वही इस घटना क्रम को करने के बाद पुर्व पटवारी प्रदीप उसराठे जमकर बधाई बटोर रहा हैं। जिसकी जानकारी नैनपुर में आम चर्चित हो चुकी हैं। खैर जो भी हो मगर राजस्व विभाग के अधिकारियों जीतना भरोसा कर रहें हैं। पूर्व पटवारी उतना ही खतरनाक होते जा रहें हैं।वह लगातार नैनपुर के राजस्व विभाग में घटनाओं को आजम दे रहा हैं। और नाम अन्य लोगों का ले कर पर्दे के पीछे चला जाता हैं। मगर फिर भी जिला प्रशासन पूर्व पटवारी प्रदीप उसराठे कार्यवाही करने से कतराता हैं। यह समझ से परे हैं। वही दबी जुबान में विभाग के ही कर्मचारी कहते हैं।की किसी दिन फिर बड़ी घटना होगी क्योंकि जब एक पटवारी दूसरे पटवारी का वीडियो बनवा सकता है। तो कौन सी योजना की तैयारी कर रहा होगा उसका अंदाजा कोई नही लगा सकता है। वही जिला प्रशासन चुप क्यों हैं। पूर्व पटवारी पर कार्यवाही क्यों कत्ररा रहा हैं
07 लोगों के पास नहीं है। प्लॉट आज भी भटक रहें है।
मगर कहते हैं। ना कि झूठ ज्यादा दिन छिप नही सकता है। जिसके चलते जल्द ही झूठ का राज फास हो गया । जिला प्रशासन की सतर्कता के चलते एक बार फिर न्याय मिलने की उम्मीद जागी थी। और जिनको प्लॉट नहीं मिल पाया है। वे न्याय की गुहार लगा रहे हैं। वही जाँच में खुलासा हुआ है। पूर्व पटवारी ने कुछ लोगों के साथ मिलकर जिला प्रशासन में पदस्थ अधिकरियों से गांठ जोड़ किया है। और अन्य भू स्वामी की भूमि में प्लॉट दे दिया । मगर पुनः शिकायत होने पर अपर कलेक्टर स्वयं मौके पर आकर जाँच की जिसमें 07 लोगों को प्लांट नहीं मिला और इसके बाद क्या हुआ कि जाँच ठंडे बस्ते में चली गई और मामला जिला प्रशासन तक पहुँचा ही नहीं वही नगर जनता कायष लगा रहीं हैं। कि मामला अंदर अंदर सेट तो नहीं हो गया हैं। जिसके कारण कार्यवाही शिथिल पड़ी है।वही
जिसमें जिला कलेक्टर को जानकारी ही नही की मामला निपट चुका है। वही जनता को जानकारी हैं। की पटवारी पर कार्यवाही हो रही हैं। मगर पटवारी विभाग के अंदर ऐसी पकड़ हैं। कि सारा प्रकरण ही गयाब हो गया हैं। वही प्रशासन की नजर से अदृश्य खेल चल रहा हैं। खैर जो भी हो मगर सारे प्रकरण का खुलासा जल्द ही होगा जिसमें चौकने वाले परिणाम सामने आएंगे ।
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