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Sunday, November 27, 2022

गौंझी इटका नैनपुर नहर हुई बंद किसान हो रहे परेशान...



 रेवांचल टाईम्स - आदिवासी बाहुल्य मंडला में नहर की साफ सफाई भी नहीं हुई। सफाई के नाम पर भी निकली राशि मगर नही हुई सफाई 


किसानों को इस समय अपने खेतों में गेहूं की फसल की बोनी के लिए पानी की अत्यंत आवश्यकता होती है। किसान अपनी जमीन को तैयार कर कुछ किसान पहले बोनी कर पानी लेते हैं या फिर पहले पानी लेकर बोनी करते हैं दोनों स्थिति में पानी की अत्यंत आवश्यकता होती है इसके बिना गेहूं की बोनी नहीं हो पाएगी।

पानी ना आने से किसान हो रहे चिंतित

 वैसे ही किसान इस बार अपनी गेहूं की फसल बोने में बहुत पीछे हो चुका है क्योंकि लगातार बारिश होने के कारण धान की फसल की कटाई में ज्यादा समय लग जाने से गेहूं की बोनी करने में पिछड़ता जा रहा है जिससे उसकी फसल की उपज की चिंता व परेशानी होने लगी। 

बांध में पानी पर्याप्त आकाओं की धमक से नहीं पहुंच रहा पानी

सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार पिंडरई क्षेत्र में पहुंच पकड़ वाले आकाओं की अभी धान की कटाई नहीं हो पाई है । इसलिए नहर में पानी का गेज कम कर पानी छोड़ा जा रहा है इसे जल संसाधन विभाग की लापरवाही कहें या पहुंच पकड़ आकाओं के दबाव में नहर में पानी छोड़ा तो गया परंतु कम गेज से पानी आ रहा है। जिससे नीचे टेल में पानी ही नहीं पहुंच पा रहा है मानो नहर बंद हो गई। फिर किसान हितेषी है कौन।


गौंझी इटका नैनपुर नहर हुई बंद किसान हो रहे चिंतित


गोंझी, इटका, नैनपुर, क्षेत्र में नहर बंद सी हो गई है ऐसा लग रहा है कि गेहूं मैं पानी की जरूरत नहीं है और कटाई होने वाली है अब। ऐसी स्थिति रही तो किसानों की स्थिति क्या होगी इसे बताने की जरूरत नहीं है क्षेत्र के सैकड़ों किसान अपनी गेहूं की खेती करने के लिए आखिर पूर्ण रूप से किसानों को कब तक मिलेगा पानी और किसान कब अपनी गेहूं की बोनी कर सही उपज लेगा। नहर में पानी आते ही किसानों ने सूखे खेतों में बोनी कर खेत में पानी लेना प्रारंभ किया कुछ किसानों ने पलेवा पानी लेना शुरू किया और नहर बंद सी हो गई ऐसी स्थिति में आधा अधूरा पानी होने पर पानी फसल को समय पर नहीं मिलने पर जहां क्षेत्र के किसान परेशान होते हुए देखे जा रहे हैं । जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना होगा इस खामियाजा का जिम्मेदार कौन अपने आप को बहुत चिंतित व परेशान हो रहे है। किसान 

नवंबर माह के 4 दिन शेष बोने का समय नजदीक 


बताया जाता है कि गेहूं की फसल का बोने का सही समय नवंबर एवं दिसंबर माह के पहले सप्ताह में बोनी होने पर सही उपाय मिल पाती है। सही बोनी का समय निकलते जा रहा है नवंबर माह बीतने में मात्र 4 दिन शेष फिर भी पानी न पहुंचने से इस बार किसानों को चिंताजनक स्थिति लगने लगी। इसके बाद भी अधिकारी जनप्रतिनिधि कुंभकरण निद्रा में सोया पड़ा है यदि किसानों की सच्चाई पर गौर किया जावे तो ना तो किसानों को मौसम साथ दे रहा है और ना नहर विभाग अब देखना होगा नहर विभाग किसानों के हित चिंतक कब साबित होगा।


नहर की नही हुई साफ सफाई मगर राशि का आहरण किया 

       वही जानकर ने बतया की नहर की सफाई के राशि आई है मगर सफाई के नाम पर सिर्फ खाना पूर्ति की गई है। जबकि नहर में जमकर खरपतवार उगी जिसके कारण नहर पर चलते नही बनता है। मगर भी किसान  चुप क्योंकि उनको पानी की आवश्यकता है। इसलिये सब सहने को तैयार है। 



इनका कहना है

1--जल संसाधन विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों की लापरवाही से  गौंझी,इटका,नैनपुर क्षेत्र की नहर में पानी नहीं पहुंच रहा जिससे किसान परेशान हो रहे।

            मंसूर अहमद कुरेशी 

पूर्व अध्यक्ष जल संसाधन संस्था गौंझी नैनपुर

2--गेहूं की बोनी की तैयारी कर पलेवा का पानी शुरू किया था और नहर 3 दिन होगा बंद हुए पानी लेने में फिर होगी परेशानी बोनी बिछड़ते जाएगी

                       रामनरेश परते किसान

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