मण्डला 22 नवम्बर 2022
सुपर सीडर पराली दहन की
समस्या का यह एक यांत्रिकीय समाधान है। यह उपकरण हार्वेस्टर द्वारा छोड़े गये फसल
अवशेषों की खेत में मल्चिंग कर देता है और साथ-साथ बोवनी भी कर देता है। नमी का
संरक्षण, आर्गेनिक तत्वों की वृद्धि, समय पर बुआई, जुताई क्री लागत में कमी, अधिक एवं अतिरिक्त उपज
तथा स्वस्थ खेत इसके परिणाम रूप में मिलते हैं। प्रायः देखा जा रहा है कि खरीफ
फसलों की कटाई कार्य उपरांत फसल अवशेषों का निपटान करने हेतु खेत में ही फसल
अवशेषों (नरवाई) का दहन किया जा रहा है जिससे प्रकृति एवं भूमि के स्वास्थय दोनों
को ही भारी मात्रा में नुकसान होता है। इस समस्या को देखते हुए ग्राम निवारी वि.ख.
नैनपुर में 22 नवंबर 2022 को कृषि
अभियांत्रिकी विभाग द्वारा, उन्नत कृषि यंत्र सुपर
सीडर का प्रदर्शन कराया, जिसमें सहायक कृषि
यंत्री प्रियंका मेश्राम, उपयंत्री भावना मरावी, सहायक संचालक कृषि आर.डी. जाटव, वरिष्ठ कृषि
विकास अधिकारी मुकेश कुलस्ते एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी पंचशीला वरकडे
उपस्थित रहे।
कृषि अभियांत्रिकी विभाग
से सहायक कृषि यंत्री प्रियंका मेश्राम ने कृषि विभाग के संयुक्त तत्वाधान में
किसानों को नरवाई प्रबंधन का महत्व बताया। सुपर सीडर मशीन द्वारा धान की कटाई
उपरांत अवशेषों को बारीक कर मिट्टी में मिलाने और रबी फसल की बोवनी का काम एक साथ
सुपर सीडर मशीन से किया जाता है। नरवाई को मिट्टी में मिलाने से पोषक तत्वों की
कमी दूर होती है तो वहीं मजदूरों की लागत भी बचती है। सुपर सीडर यंत्र कृषि
अभियांत्रिकी विभाग द्वारा ऑन डिमाण्ड श्रेणी में अनुदान पर उपलब्ध हैं। सरकार की
ओर से सुपर सीडर पर 1 लाख 5 हजार रूपये अनुदान दिया जा रहा है। उपस्थित कृषकों द्वारा उक्त मशीन के
प्रदर्शन की सराहना करते हुए मशीन खरीदने की बात कही।
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