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Friday, October 21, 2022

नरक चतुर्दशी के दिन क्यों जलाते हैं यम का दीपक, जानिए इसका महत्व



हिंदू धर्म में दीपवाली सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण त्योहार माना गया है. दीपों का यह त्योहार हर तरफ रोशनी और जगमगाहट लेकर आता है. इसकी खासियत है कि इसे कोई एक वर्ग या क्षेत्र नहीं, बल्कि देशभर के हर कोने में पूरे उत्साह के साथ सेलिब्रेट किया जाता है. दिवाली से पहले धनतेरस और फिर छोटी दिवाली आती है. छोटी दिवाली को नरक चतुर्दशी, यम चतुर्दशी, रूप चतुर्दशी या रूप चौदस जैसे कई नामों से जाना जाता है. इस दिन यम की पूजा की जाती है और यम दीपक भी जलाया जाता है. आइए जानते हैं नरक चतुर्दशी के दिन यम दीपक जलाने का महत्व.
नरक चतुर्दशी 2022 कब है?

छोटी दिवाली को नरक चतुर्दशी कहा जाता है जो कि धनतेरस के अगले दिन होती है. लेकिन इस साल यह त्योहार धनतेरस के अगले दिन नहीं, बल्कि एक दिन बाद मनाया जाएगा. हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 23 अक्टूबर को शाम 6 बजकर 4 मिनट पर शुरू होगी और 24 अक्टूबर को शाम 5 बजकर 28 मिनट तक रहेगी. उदयातिथि के अनुसार छोटी दिवाली यानि नरक चतुर्दशी 24 अक्टूबर को मनाई जाएगी.
यम दीपक का महत्व

नरक चतुर्दशी के दिन यम दीपक जलाया जाता है और मान्यता है कि ऐसा करने से मनुष्य को मृत्यु का भय नहीं रहता. यम की पूजा करने से घर के सदस्यों पर आ रही विपदाएं भी दूर होती हैं. इसलिए नरक चतुर्दर्शी यानि छोटी दिवाली के दिन यम का दीपक अवश्य जलाना चाहिए.
ऐसे करें दीप दान

नरक चतुर्दशी के दिन दीप दान का भी विशेष महत्व होता है और इस दिन यम का नाम का एक बड़ा दीपक जलाना चाहिए. ध्यान रखें कि इस दिन मिट्टी का नहीं, बल्कि आटे से बने दीपक का इस्तेमाल करना शुभ होता है. आटे का दीपक बनाकर उसमें सरसों का तेल और बाती डालें. फिर उस दीपक को पूरे घर में घुमाएं और घर के बाहर कहीं दूर रख दें. ध्यान रखें किसी दूसरे के घर में दीपक न रखें.
नरक चतुर्दशी पूजन विधि

कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी की रात्रि के अंत में जिस दिन चंद्रोदय के समय चतुर्दशी हो, उस दिन सुबह दातुन आदि करके निम्नलिखित श्लोक का जाप करें. ‘यमलोकदर्शनाभवकामोअहमभ्यंकस्नानं करिष्ये.’

इस शरीर में तिल के तेल आदि का उबटन लगा लें. हल से उखाड़ी मिट्टी का ढेला, अपामार्ग आदि को मस्तक के ऊपर बार-बार घुमाकर शुद्ध स्नान करें. सूर्योदय से पूर्व नहाना आयुर्वेद की दृष्टि से अति उत्तम माना गया है. जो ऐसा हर दिन नहीं कर पाते, उन्हें सूर्योदय के बाद अवश्य स्‍नान करना चाहिए. शाम केे समय यम केे नाम का दीपक जलाया जाता है. इसे परिवार के लिए शुभ मानते हैं. इस दीपक को जलाने से यमलोक जाने से मुक्ति मिलती है.

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