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Tuesday, October 18, 2022

मलेरिया एवं डेंगू की बीमारियों से बचने के उपाय

मण्डला 18 अक्टूबर 2022

                मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने आमजन से अपील कि है कि मच्छरों से फैलने वाली मलेरिया एवं डेंगू बीमारी से बचाव के लिए मच्छरों की पैदावार रोकने के कुछ सरल उपाय करें। घर के आस-पास पानी जमा न होने दें। पानी से भरे गडढों में मिट्टी भर दें। घर में रखी हुई नांद व छत पर टंकी में एकत्रित पानी में मच्छर पैदा होते हैं, इनको सप्ताह में एक बार खाली कर सुखाएं व हमेशा ढक्कर रखें। ठहरे हुए पानी जैसे- कुओं, तालाब व अन्य जलाशयों में गम्बुजिया डालें। यह मछली मलेरिया फैलाने मच्छरों के लार्वा को खा जाती है। गम्बुजिया मछली स्वास्थ्य केन्द्र से मुफ्त प्राप्त की जा सकती है।

 


मच्छर के काटने से अपने को कैसे बचाएं

 

                आराम की नींद और मलेरिया व मच्छर जनित बिमारियों से बचने के लिए सभी को, खासकर गर्भवती महिलाओं और बच्चों को, कीटनाशक से उपचारित मच्छरदानी का ही प्रयोग करना चाहिए। मच्छरदानी या मच्छरनाशक के इस्तेमाल के बिना घर के बाहर न सोएं। घर के दरवाजों और खिड़कियों पर उपयुक्त जाली इस्तेमाल करें। निश्चित करें कि छिड़काव के समय घर के सभी कमरों में छिड़काव हो। छिड़काव के बाद कम से कम 3 महिने तक लिपाई, सफेदी और रंग-रोगन न करें। घरों में छिड़काव के समय सहयोग दें। किसी भी प्रकार के बुखार आने पर नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में जाकर खून की जांच कराएं।

 

 

डेंगू की पहचान, कैसे रहें सावधान तथा डेंगू के लक्षण

 

                अकस्मात तेज सिर दर्द व बुखार का होना, मांसपेशियों तथा जोड़ों में दर्द होना। आंखों के पीछे दर्द होना, जो कि आंखों को घुमाने से बढ़ता है। जी मिचलाना एवं उल्टी होना, गंभीर मामलों में नाक, मुंह, मसूड़ों से खून आना अथवा त्वचा पर चकते उभरना।

 

कैसे बचें

 

                डेंगू फैलाने वाला मच्छर साफ पानी में पनपता है। कही आपके घर में या आसपास पानी तो जमा नही है। जैसे कि कूलर की पानी की टंकी, पक्षियों के पीने के पानी का बर्तन, फ्रिज की ट्रे, फूलदान, नारियल का खोल, टूटे हुए बर्तन व टायर, इत्यादि, पानी से भरे हुए बर्तनों व टंकियों आदि को ढक्कर रखें, कूलर को खाली करके सुखा दें, यह मच्छर दिन के समय काटता है। ऐसे कपड़े पहनें जो बदन को पूरी तरह ढके। डेंगू के उपचार के लिए कोई खास दवा या वैक्सीन नहीं है। बुखार उतारने के लिए पैरासीटामोल ले सकते हैं। एस्पीन या इबुब्रेफेन का इस्तेमाल अपने आप न करें। डॉक्टर की सलाह लें। डेंगू के हर रोगी को प्लेटलेटस की आवश्यकता नहीं पड़ती।

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