रेवांचल टाईम्स - शासन द्वारा कक्षा पांचवी और कक्षा आठवीं को बोर्ड पैटर्न पर कराए जाने का अशासकीय शाला संघ द्वारा स्वागत किया गया किंतु शासन द्वारा मध्य सत्र में यह निर्णय लिया गया है इस कारण संघ का कहना है जिसे आगामी सत्र में लागू किया जाए और पूर्व सूचना और तैयारी के साथ इसे लागू किया जाए
वर्तमान में शासन द्वारा सितंबर माह में यह सूचित किया गया कि पांचवी और आठवीं की परीक्षाएं बोर्ड पैटर्न पर होंगी जिसे शासन द्वारा सत्र प्रारंभ के पूर्व नहीं बताया गया वर्तमान में अशासकीय विद्यालयों में एन.सी.आर.टी और मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम की किताबें उपलब्ध ना होने के कारण प्राइवेट पब्लिशर्स की किताब संचालित है जिसका पाठ्यक्रम अलग-अलग है
ऐसे में उस पाठ्यक्रम के आधार पर परीक्षाएं संभव नहीं है विद्यालयों द्वारा मध्य सत्र में पाठ्यक्रम भी परिवर्तित नहीं किया जा सकता है जिसके कारण यह व्यवहारिक रूप से करना संभव नहीं है अगर प्रदेश के सारे विद्यालय पाठ्यक्रम बदलते हैं तो लोगों पर आर्थिक और मानष्कि तौर पर बच्चों पर दबाव बढ़ेगा साथ ही पाठ्य पुस्तक निगम इतनी बड़ी संख्या में कम समय में पुस्तकें उपलब्ध नहीं कर पाएगा इसलिए अशासकीय शाला संघ द्वारा शासन से मांग की गई है कि वर्तमान सत्र में इसे लागू न किया जाए आगामी छात्र 23- 24 में पूर्व सूचना और पाठ्यक्रम के विस्तृत विवरण के साथ लागू किया जाए जिसका हम स्वागत करते हैं।

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