तुलसी परिक्रमा मंत्र: तुलसी के पौधे को हिंदू धर्म के अनुसार बेहद ही पवित्र और शुभ माना जाता है. लोग अपने घरों में इस पौधे को लगाकर न केवल पूजा करते हैं बल्कि परिक्रमा भी लगाते हैं. मान्यता है कि इस पौधे में लक्ष्मी मां के साथ साथ सभी देवी देवताओं का भी बास है. ऐसे में जो व्यक्ति नियमित रूप से तुलसी के पौधे की पूजा करता है उससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और धन-धान्य का आशीर्वाद भी देती हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि तुलसी के पौधे की परिक्रमा करते वक्त कुछ नियमों का पालन करना जरूरी है. साथ ही तुलसी परिक्रमा का एक मंत्र भी है. आज का हमारा लख इसी विषय पर है. आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि आप कौन-से नियमों के साथ परिक्रमा कर सकते हैं और तुलसी परिक्रमा मंत्र क्या है.
तुलसी परिक्रमा करते वक्त अपनाएं ये नियमयदि आप तुलसी की परिक्रमा करना चाहते हैं तो ऐसे में सूर्य देव से पहले उठकर स्नानादि करके स्वच्छ कपड़े पहन कर तुलसी की परिक्रमा करनी चाहिए.
तुलसी की परिक्रमा करने से पहले व्यक्ति को भगवान सूर्य को भी अर्घ देना चाहिए और उसके बाद तुलसी के पौधे को भी जल चढ़ाना चाहिए.
व्यक्ति तुलसी के पौधे की परिक्रमा करते हुए भी जल चढ़ा सकता है. ऐसे में वे केवल तीन बार परिक्रमा करें और परिक्रमा करते वक्त जल अर्पित करें.
आज के समय में लोगों के पास जगह की कमी है. ऐसे में वे अपने घर में तुलसी का पौधा लगा लेते हैं लेकिन उस पौधे की परिक्रमा नहीं कर पाते. ऐसे में वे लोग तुलसी के पौधे को जल अर्पित करके एक स्थान पर परिक्रमा कर सकते हैं. वह एक ही स्थान पर खड़े होकर तीन बार परिक्रमा कर सकते हैं.
तुलसी परिक्रमा के वक्त बोलें ये मंत्र
तुलसी की परिक्रमा करते वक्त आप जल अर्पित करते समय महाप्रसाद जननी, सर्व सौभाग्यवर्धिनी आधि व्याधि हरा नित्यं, तुलसी त्वं नमोस्तुते।। ‘ मंत्र का जाप जरूर करें. इससे आपको मां तुलसी का आशीर्वाद मिलेगा.

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