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Thursday, September 8, 2022

शिलान्यास कर निर्माण कार्य भूले जनप्रतिनिधि आठ साल से अधूरा पड़ा भवरंदा का खेल मैदान कब होगा पूरा ?






रेवांचल टाईम्स - आदिवासी बाहुल्य जिले मंडला में जनप्रतिनिधियों के द्वारा जनता और अपने वोटरों के वाहीवाही पाने के लिए कही भी शिलान्यास लोकार्पण किया जाता है बड़े बड़े वादे करते है और जाते ही हुए शिलान्यास आज भी अपनी जगह पर खड़े हुए और राह देख रहे है कि उनमें जो लिखा है वह काम कब पूर्ण होगा पर समय के साथ साथ जिले के अनेक गाँव है जहाँ पर शिलान्यास किया गया कार्यो का लोकार्पण कर कुछ काम आज तक पूरे नही हुए और कुछ सालों हो गए शुरू ही नही हुए इसके पीछे वजय क्या है जनता जानना चाहती है पर बतायेगा कौन,और ग्रामीणजन को जब शासन से मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पाती या फिर कोई काम ग्राम पंचायत में अपूर्ण स्थिति में पड़ा रहता है तो वह जिला प्रशासन से आवेदन शिकायत देकर उस काम को पूर्ण कराने का प्रयास करता है।

         ऐसा ही मामला सामने आया है जहाँ आठ वर्षों से ग्राम पंचायत भवरंदा के निवासी कर रहे हैं, लेकिन उनकी शिकायत की कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है, जबकि ग्रामीण बच्चों को खेलने के लिए खेल मैदान को पूर्ण कराने की मांग कर रहे हैं। जनप्रतिनिधि तो खेल मैदान का शिलान्यास करके भूल गये और आठ वर्ष भी शासन द्वारा जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायतों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खेल मैदान स्वीकृत कर लाखों करोड़ों का आवंटन उपलब्ध कराया, लेकिन खेल मैदान के नाम पर सिर्फ भ्रष्टाचार हुआ है।

          वही ग्रामीण जन को जब शासन से मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पाती या फिर कोई काम ग्राम पंचायत में अपूर्ण स्थिति में पड़ा रहता है तो वह जिला प्रशासन से आवेदन शिकायत देकर उस काम को पूर्ण कराने का प्रयास करता है। ये प्रयास विगत आठ वर्षों से ग्राम पंचायत भवरंदा के निवासी कर रहे हैं, लेकिन उनकी शिकायत की कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है, जबकि ग्रामीण बच्चों को खेलने के लिए खेल मैदान को पूर्ण कराने की मांग कर रहे हैं। जनप्रतिनिधि तो खेल मैदान का शिलान्यास करके भूल गये और आठ वर्ष भी शासन द्वारा जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायतों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खेल मैदान स्वीकृत कर लाखों करोड़ों का आवंटन उपलब्ध कराया, लेकिन खेल मैदान के नाम पर सिर्फ भ्रष्टाचार हुआ है। 

      जनपद पंचायत मण्डला के अंतर्गत ग्राम पंचायत भवरंदा जहां वर्ष 2013-14 में जनप्रतिनिधियों द्वारा खेल मैदान का शिलान्यास किया गया था वह खेल मैदान आज भी अपूर्ण स्थिति में है जबकि इस खेल मैदान को वर्षो पहले बन जाना था लेकिन खैल मैदान पूर्ण न होने से वहां अब लोग कब्जा करने पर अमादा हो गये हैं जिसका ग्रामीणों द्वारा विरोध किया जा रहा है।

     इस संबंध में ग्राम पंचायत भवरंदा के ग्रामीणों ने जनसुनवाई में अनेकों बार शिकायत का आवेदन देकर अतिक्रमणकारियों को हटाने एव खेल  मैदान का निर्माण पूर्ण कराने की माँग कर चुके है लेकिन उनकी मांग की सुनवाई अब तक नही हो पाई है। और पता नही इन गरीबो की कब और कौन सुनेगा खेल मैदान के पूर्ण निर्माण का इंतजार करते ग्राम पंचायत भवरंदा के ग्रामीणों की सीमाएं समाप्त हो गई है ग्रामीणों ने बताया कि खेल मैदान का निर्माण पूर्ण न होने से बच्चों की खेल गतिविधियों पर विराम लगा हुआ है वही बच्चों की खेल प्रतीभाए प्रभावित हो रही है।

    खेल मैदान पर दंबग कर रहे खुलेआम कब्जा वही ग्रामीणों के अनुसार की ग्राम पंचायत भवरदा में जो खेल मैदान है यहाँ पर तीन स्कूल है जहाँ पर इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे उपयोग करते थे लेकिन खेल मैदान के पूर्ण न होने से बच्चे अपनी प्रतिभाओं का प्रदर्शन नही कर पा रहे हैं। अब इस खेल मैदान में आये दिन दंबगों द्वारा कब्जा किया जा रहा है। यदि खेल मैदान इसी तरह अधूरा पड़ा रहा तो पूरे मैदान में मकानों का निर्माण हो जायेगा जिसे हटा पाना प्रशासन के लिये भी काफी मुश्किल साबित होगा। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2013-14 में जब खेल मैदान का शिलान्यास किया गया था उसके बाद निर्माण कार्य पूर्ण हो जाना था, लेकिन क्यों नहीं हो पाया ये जाँच का विषय है। ग्रामीणों का ये भी कहना है कि खेल मैदान की राशि का बंदरबांट सरपंच, सचिवों के द्वारा किया गया है। ग्रामीणों ने पंचायत की बैठक में भी इस विषय पर ध्यानाकर्षण कराया, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया इसके बाद ग्रामीणों ने जनसुनवाई में उपस्थित होकर आवेदन दिया जिसकी सुनवाई अब तक नहीं हो पाई है।


पांच एकड़ में बनना है खेल मैदान पर हो रहा अतिक्रमण का शिकार...


        वही ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत भवरंदा में लगभग 5 एकड़ में खेल मैदान का निर्माण ग्राम पंचायत द्वारा रोजगार गांरटी मद से कराया जाना था, लेकिन आठ वर्ष बीतने के बाद भी खेल मैदान अपूर्ण स्थिति में है। जबकि इस खेल मैदान का शिलान्यास तात्कालिक पंचायत मंत्री देव सिंह सैयाम के द्वारा किया गया था। इसके अलावा नर्सरी में भी ग्राम पंचायत द्वारा राशि खर्च की गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ वर्षों से ग्राम पंचायत के पदाधिकारियों की मिली भगत से ग्राम के कुछ दबंग व्यक्तियों के द्वारा अतिक्रमण कर प्लाट बनाकर बेंच रहे हैं। जिसकी किसी प्रकार की लिखा पढ़ी भी नहीं की जा रही है। जिसको लेकर कई बार ग्राम पंचायत में आवेदन किए गए, लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला। ग्रामीणों का कहना है कि खेल मैदान का बंदरबांट चल रहा है। जनसुनवाई में आवेदन के बाद किसी प्रकार की जांच नहीं की गई। जिससे ग्रामीणों में रोष पनप रहा है। ग्रामीणों ने खेल मैदान व नर्सरी का सीमांकन ग्रामीणों की उपस्थिति में कराने की मांग की है।

    इनका कहना कि...

विधायक जी ने आठ साल पहले स्कूल में खेल मैदान के लिए राशि स्वीकृत करते हुए लोकार्पण किया था पर आज शिलान्यास खड़ा है पर काम नही हुआ और अब धीरे धीरे अतिक्रमण की चपटे में आ रहा है जिसको लेकर ग्राम वासी सी एम हेल्प लाइन से लेकर जनसुनवाई तक आवेदन किया पर कोई सुनने वाला नही है इस जिले का तो भगवान ही मालिक है और भ्रस्ट ओर भ्रष्टाचार चरम सीमा है।

                                     शिकायतकर्ता 

                                     ग्रामीण भवरदा


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