ऑस्ट्रेलिया में 1936 के बाद पहली बार किसी कंगारू ने इंसान की हत्या की है। पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के एक राज्य में कंगारू ने इंसान पर इतना भयानक हमला किया कि, वह बुरी तरह से घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई। इससे पहले 1936 में 38 वर्षीय विलियम क्रिकशैंक की मौत भी कंगारू के हमले से हुई थी। उसके सिर पर गंभीर चोटें आईं थीं। इस बार जिस व्यक्ति की मौत हुई है वह 77 साल का बुजुर्ग है।
कंगारू के हमले में बुजुर्ग को गंभीर चोटों के साथ पर्थ से दक्षिण-पूर्व में करीब 400 किलोमीटर दूर रेडमंड स्थित रिश्तेदार के घर पर पाया गया। पुलिस का मानना है कि, ‘बुजुर्ग शायद कंगारू को अपना पालतू बनाकर रख रहा था।’ हालांकि, ऑस्ट्रेलिया के जीवों खासतौर से कंगारू को घर में पाल कर रखना गैर-कानूनी है। जब ऑस्ट्रेलिया की इमरजेंसी सर्विस बुजुर्ग के घर पहुंची तो नर कंगारू ने पैरामेडिक्स को इलाज करने से रोका और हमला करने का प्रयास किया।
तब पुलिस ने कंगारू को गोली मार दी। इसके बाद पुलिस और पैरामेडिक्स बुजुर्ग तक पहुंचे लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। जिस कंगारू ने हमला किया था, वह एक वेस्टर्न ग्रे कंगारू था। जिसका वजन करीब 54 किलोग्राम, लंबाई करीब 1.3 मीटर थी। कंगारू का हमला बेहद खतरनाक होता है। अगर आप इनकी लड़ाइयों का वीडियो देखेंगे तो पता चलेगा कि, इनकी पकड़ मजबूत और किक्स कितनी खतरनाक होती हैं।
कंगारू जब हमला करता है तो वह अपने दुश्मन को ऊपर के हाथों से पकड़ लेता है। इसके बाद पूंछ के सहारे संतुलन बनाकर पैरों से जोरदार किक मारता है। नेटिव एनिमस रेस्क्यू सर्विस की तान्या इरविन कहती हैं कि, इस मामले को देखकर लगता है कि, ‘कंगारू नर था। आमतौर पर नर कंगारू बहुत आक्रामक होते हैं। वो घर में बंद होकर रहना पसंद नहीं करते।’ फिलहाल स्थिति की सही जानकारी नहीं है. लेकिन यह दुख की बात है कि, कंगारू की वजह से किसी इंसान की मौत हुई। बाद में कंगारू को भी मजबूरी में मारना पड़ा। लेकिन कंगारू कभी भी प्यारे नहीं होते, ये सिर्फ एक जंगली जीव हैं।

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