मण्डला 10 सितम्बर 2022
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जानकारी ने बताया
कि प्रदेश में राष्ट्रीय क्रमि मुक्ति
दिवस का आयोजन वर्ष में एक बार किया जाता है। जिले के समस्त विद्यालय, आंगनवाड़ी केंद्रों की माध्यम से 1 से 19 वर्ष के बच्चों, किशोर-किशोरियों को अल्बेंडाजोल
गोली का सेवन कराया जायेगा। भारत शासन के निर्देशानुसार 13 सितंबर 2022 को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस एवं 16 सितंबर को मापक दिवस पर छोटे बच्चों को अल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जाएगी।
कृमि संक्रमण के लक्षण
गंभीर कृमि संक्रमण से कई लक्षण उत्पन्न हो सकते हैं, दस्त लगना,
पेट में दर्द, कमजोरी, उल्टी, भूख न लगना, हल्के संक्रमण वाले बच्चों
में आमतौर पर कोई लक्षण नहीं दिखते।
कृमि संक्रमण का संचालन चक्र
संक्रमित बच्चों के शौंच में कृमि के अंडे होते हैं, खुले में शौच करने से अंडे मिट्टी में मिल जाते हैं और विकसित होते हैं। नंगे
पैर चलने से, हाथों की स्वच्छता, बिना ढका भोजन खाने से, संक्रमित बच्चों में कृमि
के अंडे होते हैं जो बच्चों के स्वास्थ्य को हानि पहुंचाते हैं।
कृमि के दुष्प्रभाव
शारीरिक एवं मानसिक विकास में बाधक, कुपोषण एनीमिया, प्रतिरोधक क्षमता में कमी होने
से संक्रमण, स्कूल की उपस्थिति में कमी।
कृमि संक्रमण का नियंत्रण कैसे
किया जाए
नाखून साफ रखें, हमेशा साफ
पानी पिएं, भोजन को ढ़क्कर रखें, आसपास की सफाई, जूते-चप्पल पहनें, खुले में शौच ना जाएं, हाथों को अच्छी तरह साबुन
से धोएं, कृमि नाशक एल्बेंडाजोल की गोली खिलाएं, 1 से 2 वर्ष के बच्चों को आधी गोली पीसकर पानी में सेवन कराएं, 2 से 3 साल के बच्चों को 1 गोली पीसकर पानी में सेवन कराएं, 3 से 19 साल के बच्चों को 1 गोली चबाकर खिलाएं, ध्यान दें दवाई उन बच्चों को नही दिया जाना चाहिये जो बीमार हैं या अन्य दवाई
दे रहे हैं।

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