रेवांचल टाईम्स - लांजी बालाघाट जिले की लांझी तहसील के शासकीय हॉस्पिटल में पदस्थ डॉक्टर प्रदीप गेडाम एवं उनकी पत्नी सुजाता गेडाम के द्वारा शासकीय नियमों को त्याग कर अपनी मनमानी कर रहे है। पता नहीं इनको कौन से नेताओं का संरक्षण प्राप्त है जो करीब 15 वर्षों से लाजी हॉस्पिटल में पदस्थ हैं और अपनी पैठ जमाए हुए हैं और इन दोनों के द्वारा शासकीय हॉस्पिटल में कम समय देते है और शासकीय हॉस्पिटल के परिसर के अंदर इनका निवास में अपनी स्वयं की किलिनिक खोल कर रहे है हॉस्पिटल में आने वालों मरीजो का ईलाज इलाज के बदले ली जा रही मोटी मोटी फीस चिकित्सालय में नही है कोई व्यवस्था क्योंकि डॉ साब कर रहे फीस के लिए घर से ही ईलाज और साथी ही उन्हें सरकारी वेतन भी पड़ रहा है कम जो समय अस्पताल में रहना चाहिए तो वह अपनी निजी किलिनिक में उपलब्ध रहते है।और इनके द्वारा अपने शासकीय प्राइवेट रूम में प्रैक्टिस करते हैं और गरीबों से मनमानी राशि लेकर अपना स्वार्थ सिद्ध कर रहे हैं इनके खिलाफ कई बार शिकायत होने पर भी नेताओं एवं जिला चिकित्सालय के उच्च अधिकारी के द्वारा कोई कार्यवाही नहीं किया जा रहा है ऐसा क्यों इससे स्पष्ट साबित होता है कि डॉ प्रदीप गेडाम के द्वारा उच्च अधिकारियों एवं राजनेताओं को भर पुर कमीशन दिया जाता है इसी कारण वस इनके उपर द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है जिस कारण से इनके हौसले बुलंद है वही सूत्र बताते हैं कि इनके द्वारा अगर कोई सीरियस केस हॉस्पिटल में आ गया तो इनके द्वारा इलाज नहीं किया जाता और सीघे ही बालाघाट रिफर कर दिया जाता है ताकि प्राइवेट प्रैक्टिस करने का मौका मिले अब देखना है की शासन प्रशासन के द्वारा क्या कार्रवाई की जाती है। या फिर जैसा चल रहा कमीशन का खेल वैसा ही चलता रहेगा गरीब ईलाज के बदले लूटते रहेगे और जिम्मेदार तमाशबीन बने रहेंगे।
रेवांचल टाईम्स लांजी बालाघाट से खेमराज सिंह बनाफरे


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