रेवांचल टाईम्स :अक्सर घर के बड़े बुजुर्ग शाम के वक्त कुछ काम न करने की सलाह देते हैं.कहा जाता है कि सूर्यास्त के बाद इन कामों को करने से भगवान रुष्ट होते हैं और आपको किसी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में भी कई ऐसे काम बताए गए हैं जो किसूर्यास्त के बाद भूलकर भी नहीं करने चाहिए. यदि आप भी कुछ ऐसी गलतियां करते हैं तो जान लें कि ऐसे कौन से काम हैं जिन्हें सूर्यास्त के बाद गलती से भी नहीं करना चाहिए.
नाखून व बाल न काटें
वास्तु शास्त्र के अनुसार सूर्यास्त के बाद नाखून या बाल नहीं काटने चाहिए. कहते हैं कि ऐसा करने से घर में नेगेटिव एनर्जी आती है और कर्ज बढ़ने की समस्या का सामना करना पड़ता है.
पौधों को न छूएं
मान्यता है कि सूरत ढलने के बाद पेड़ पौधों को छूना या तोड़ना नहीं चाहिए. न ही पौधे में पानी देना चाहिए. कहते हैं कि सूर्यास्त के बाद पेड़ पौधे सो जाते हैं. इसलिए उन्हें परेशान करना शुभ नहीं होता.
अंतिम संस्कार
पुराणों के अनुसार सूर्यास्त के बाद अंतिम संस्कार भी नहीं किया जाता. ऐसा करने से करने वाले व्यक्ति को परलोक में कष्ट भोगने पड़ते हैं.
भोजन को न रखें खुला
कहा जाता है कि सूर्यास्त के बाद भोजन व पानी को खुला नहीं छोड़ना चाहिए. ऐसा करने से भोजन में नेगेटिव एनर्जी का वास हो जाता है और ये भोजन आपको बीमार कर सकता है.
दही चावल के सेवन से बचें
सूर्यास्त के बाद गलती से भी दही और चावन का सेवन नहीं करना चाहिए. क्योंकि इसकी वजह से आपको कई बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है.
झाड़ू पौछा न लगाएं
सूरज ढलने के बाद घर में झाड़ू पौछा नहीं लगाना चाहिए. कहा जाता है कि ऐसा करने से धन की हानि हो सकती है और कर्ज भी बढ़ता है.
कपड़े धोना और सुखाना
मान्यता है कि सूर्यास्त के बाद कपड़े नहीं धोने चाहिए. न ही सूरज ढलने के बाद कपड़े सुखाने चाहिए. ऐसा करने से कपड़ों के माध्यम से नेगेटिव एनर्जी आती है और बीमारी का भी डर रहता है.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. रेवांचल टाईम्स इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.

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