मण्डला 30 अगस्त 2022
शासन
के निर्देशानुसार 1 से 30 सितंबर तक प्रदेश के साथ-साथ ज़िले में भी पोषण माह का आयोजन किया जा रहा है।
कलेक्टर हर्षिका सिंह ने योजना भवन में पोषण माह के आयोजन के संबंध में विस्तृत
बैठक ली। बैठक में उन्होंने कहा कि 1-30 सितंबर तक
ज़िले के प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्रों में सघन स्तर पर पोषण गतिविधियां आयोजित करें।
श्रीमती सिंह ने कहा कि पोषण माह के आयोजन के लिए पंचायत स्तर पर जागरूकता
गतिविधियां आयोजित करें। उन्होने कहा कि महिला बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य
विभाग जिले भर में एनिमिया के चिन्हांकन के लिए गंभीर रूप से काम करेंगे। उन्होने
कहा कि इस दौरान बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं की जाँच की जाएगी तथा उनके स्वास्थ्य
स्तर के आधार पर उनका नियमित फ़ॉलोअप भी चैक किया जाएगा। बैठक में सहायक कलेक्टर
अर्थ जैन, डॉ. श्रीनाथ सिंह, जिला
कार्यक्रम अधिकारी श्वेता तड़वे सहित महिला बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य,
कृषि उद्यानिकी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी
उपस्थित थे।
श्रीमती
सिंह ने कहा कि गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की देखभाल करना जिला प्रशासन की
प्राथमिकता है। ऐसे में जागरूकता गतिविधियों के आयोजन के दौरान उनके परिवार को भी
सजग करें। उन्होंने सीएमएचओ को निर्देशित किया कि एनआरसी के लिए चिन्हित बच्चों को
भर्ती कराएं। कलेक्टर ने बैठक में कहा कि मंडला ज़िले में स्थानीय पोषण आहार लोकल
फूड पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। स्थानीय भोजन में शामिल आहार के संबंध में
जागरूकता गतिविधियां आयोजित करें तथा प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्रों में इसके लिए
कार्यक्रम करें। कलेक्टर ने कहा कि पोषण माह के दौरान जागरूकता गतिविधियां आयोजित
करने एवं अपने क्षेत्र में कुपोषण को कम करने के लिए काम करने वाली आंगनवाड़ी
कार्यकर्ता, सुपरवाइज़र तथा सीडीपीओ को जिला स्तरीय कार्यक्रम में
सम्मानित किया जाएगा।
श्रीमती
सिंह ने स्कूल शिक्षा विभाग को निर्देशित किया कि स्कूलों के बच्चों के लिए भी
पोषण माह में विशेष गतिविधियां आयोजित करें तथा स्कूलों में बनाए जाने वाले
मध्यान्ह भोजन में स्थानीय स्तर की पोषण आहारों को शामिल करें। इस संबंध में
मध्यान्ह भोजन तैयार करने के लिए कार्य करने वाले स्व-सहायता समूह को भी निर्देश
दें। कलेक्टर ने कहा कि 14 वर्ष से अधिक के बच्चों
का भी एनिमिया टेस्ट करें, स्कूलों में जाएँ तथा उनका
डाटाबेस तैयार करें। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों के बीच स्वस्थ
प्रतिस्पर्धा लागू करें। साथ ही आंगनवाड़ी केंद्रों में जल संरक्षण की गतिविधियों
को आयोजित करें एवं क्षेत्र में बनाए गए अमृत सरोवरों के आस-पास भी कार्यक्रम
आयोजित कर जागरूकता प्रसारित करें।
.jpeg)
.jpeg)
No comments:
Post a Comment