रेवांचल टाईम्स - आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला में नगर और कस्बों में कुछ व्यापारियों द्वारा प्लास्टिक के डिब्बों में तरह-तरह की मिठाईयों रखकर बेची जा रही है। बताया जा रहा है कि इन डिब्बों में मिठाई बनाने वाले कंपनी, प्रोप्राईटर का नाम, कस्टमर केयर नंबर आदि नहीं लिखा जा रहा है इसके अलावा जहां ये मिठाईयों बनाई जा रही है वहां काफी गंदगी देखी जा रही है।
वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर से लगी ग्राम पंचायत देवदरा में तसला फैक्ट्री के पास औद्योगिक क्षेत्र में कुछ इस तरह की बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां संचालित होने की खबरें सामने आई हैं। यहां सड़क किनारे संचालित इन फैक्ट्रियों में मजदूर बगैर जरूरी सुरक्षा इंतजामों में गंदगी, केमीकल के साथ साथ मक्खियों के बीच मिठाई बना रहे हैं। गौरतलब है कि कुछ दिनों में त्यौहारों का सीजन शुरू हो रहा है, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब लोग महंगी मिठाईयां नहीं खरीद पाते ऐसे लोगों को फेक्ट्रियों में गंदगी, मक्खियों के बीच बनाई गई मिठाई बेची जाती है जो सस्ती होती है लेकिन स्वास्थ्य के लिए भी उतनी ही खतरनाक साबित हो सकती है। वही कुछ दिनों पहले मोहगांव में फुल्की खाने से बड़ी संख्या में बच्चे बीमार पड़ गए थे इस घटना के बाद भी खाद्य विभाग के अधिकारियों ने कोई सबक नहीं लिया है और शहर में ही मिठाईयों के नाम त्यौहारों में जहर परोसने की तैयारियों जोर-शोर से की जा रही है। और जिम्मेदार ने तो कसम खा ली है कि हम जब जागेंगे तब कुछ घटना होगी बाकी सब तो चलता है सब को अपना अपना हिस्सा तो समय समय मे पहुच रहा और बेचारी जनता इन जिम्मदारो को कुछ तो नही दे सकती है।
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