रेवांचल टाइम्स - अजनियां उक्त समूह द्वारा भोजन बनाए जाने की शिकायत लंबे समय से हो रही थी बालक प्राथमिक शाला करियागांव की शिक्षिका श्रीमती मीना साहू के द्वारा लगातार समूह को गुणवत्ता युक्त मध्यान्ह भोजन पकाने के लिए चेताया जा रहा था साथ ही एपीसी जिला शिक्षा केंद्र द्वारा भी अपने मॉनिटरिंग के दौरान मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता को लेकर समूह को चेतावनी दी थी लेकिन समूह द्वारा मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता में कोई सुधार लाने का प्रयास नहीं किया गया। उल्टे स्व सहायता समूह द्वारा बालक प्राथमिक शाला की शिक्षिका के ऊपर दबाव बनाने के लिए झूठे आरोप लगाकर लिखित में शिकायत की गई। स्व सहायता समूह द्वारा शिक्षिका की शिकायत किए जाने पर ग्राम के पालकों और शाला प्रबंधन समिति के सदस्यों ने कड़ा एतराज जताते हुए शाला प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित कर समूह के सदस्यों से पूछताछ की जिसमें स्वयं सहायता समूह के सदस्यों ने इस बात को स्वीकार किया की बालक प्राथमिक शाला की शिक्षिका के द्वारा मध्यान भोजन की गुणवत्ता को लेकर टोका टाकी की जा रही थी इसीलिए हमने मैडम के खिलाफ झूठी शिकायत कर दी। स्व सहायता समूह के सदस्यों द्वारा की गई झूठी शिकायत की स्वीकारोक्ति के उपरांत ग्रामीण जन और पालक शिक्षक समिति के सदस्य बहुत आक्रोशित हुए और तत्काल ज्योति स्व सहायता समूह को बालक प्राथमिक शाला के बच्चों के लिए मध्यान भोजन बनाने से पृथक करने का प्रस्ताव पारित कर प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को प्रेषित कर दिया। समिति ने अपने प्रस्ताव में लिया कि ज्योति स्व सहायता समूह के सदस्य बार-बार ताकीद करने के बाद भी मध्यान्ह भोजन में गुणवत्ता लाने के स्थान पर प्राथमिक शाला के शिक्षिका पर दबाव बनाने के लिए झूठी शिकायत की जिससे शिक्षका को मानसिक कष्ट हुआ है जबकि विद्यालय की शिक्षिका श्रीमती मीना साहू के द्वारा विद्यालय की अधोसंरचना हेतु स्वयं के व्यय से प्रयास किए जा रहे हैं। तत्काल में ही उनके द्वारा विद्यालय की दीवारों में पुट्टी और रंग रोगन का कार्य कराया गया है। शिक्षिका द्वारा कोरोना काल में पढ़ाई से पिछड़े बच्चों के लिए अवकाश के दिनों में भी अध्यापन कार्य कराया गया। शिक्षिका द्वारा हमेशा विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में सुधार हेतु सतत प्रयास किए जाते हैं अतः ऐसे शिक्षक के विरुद्ध झूठी शिकायत कर शिक्षिका को हतोत्साहित करने का प्रयास निंदनीय है, इससे विद्यालय का वातावरण खराब हुआ है। अत: ऐसे स्व सहायता समूह से विद्यालय का मध्यान्ह भोजन का काम छुड़ाकर किसी अन्य समूह को दिया जाए। उल्लेखनीय है कि स्व सहायता समूह द्वारा भोजन बनाने की व्यवस्था होते तक विद्यालय की शाला प्रबंधन समिति द्वारा विद्यार्थियों के लिए भोजन बनाने की व्यवस्था तात्कालिक रूप से की गई है। एसएमसी की बैठक में ग्राम की पूर्व सरपंच श्रीमती रामप्यारी सैयाम, एसएमसी की अध्यक्ष श्रीमती राजकन्या साहू, उपाध्यक्ष रामप्रसाद भांवरे, पालकों में दीपक साहू, श्री राम नंदा, रज्जू भांवरे, सुनीता ,यशोदा, ममता नंदा, पूनम ,संगीता यादव, राजरानी नंदा, सानू भांवरे, चांदनी भांवरे, सीता, सविता संतोषी नंदा, राधा वंशकार, टेकचंद आदि उपस्थित थे।
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