भिंड में पथराव फिर दना-दन फायरिंग
एक बार फिर स्थानीय स्तर पर चुनी जाने वाली 'गांव सरकार' का मतदान हंगामे, मारपीट, उपद्रव की भेंट चढ़ा। चुनावी हिंसा के लिए बदनाम रहने वाले चंबल संभाग से ही ऐसी तस्वीर आने की शुरुआत हुई। सुबह सात बजे मतदान शुरू होने के थोड़ी देर बाद भिंड के पोलिंग बूथ क्रमांक 148, 149 पर उपद्रवियों ने पथराव कर दिया। जिससे मतदाताओं के बीच भगदड़ की स्थिति बन गया। बाद में किसी तरह पुलिस फ़ोर्स ने मोर्चा संभाला और हालात सामान्य हुए। यहाँ उपद्रव थमा ही था कि इसी जिले एक दूसरे लहार थाना इलाके के लपवाह गांव के मतदान केंद्र 29/30 के बाहर उत्पातियों ने दनादान फायरिंग की घटना को अंजाम दिया। जिसमें कई लोग बाल-बाल बचे। चुनाव प्रभावित करने की नीयत से वारदात को अंजाम देने वालों की तलाश जारी है। कुछ संदिग्धों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया है।
दतिया में भी फायरिंग, मतपेटी लूटकर की तोड़फोड़
दतिया में भी फायरिंग, मतपेटी लूटकर की तोड़फोड़
दतिया के बरोदी गांव में भी मतदान के दौरान जमकर उत्पात हुआ। यहाँ राजपुर पंचायत में कुछ दबंगों ने मतपेटी लूट ली, फिर उसमें तोड़फोड़ कर पानी भर दिया। यहाँ भी 15-20 हवाई फायर होने की खबर है, लेकिन अधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी। उत्पात मचाने वाले किस दल या प्रत्याशी के समर्थक है, पुलिस यह पता लगाने तफ्तीश में जुट गई।
दिव्यांग वोटर को दिया धक्का, मतदान कर्मी को सांप ने डसा
दिव्यांग वोटर को दिया धक्का, मतदान कर्मी को सांप ने डसा
दमोह जिले में पथरिया जनपद की केवलारी पंचायत में पुलिस का अमानवीय चेहरा सामने आया। यहाँ मतदान करने पहुंचे एक दिव्यांग माखन अहिरवार मतदाता ने पुलिस सब इंस्पेक्टर इन्द्राज चौधरी पर अभद्रता का आरोप लगाया। उसका कहना था कि पुलिस ने पोलिंग बूथ से उसे धक्का मारकर भगा दिया। श्योपुर जिले में दो मतदान कर्मियों की जान पर बन आई। ड्यूटी के दौरान तुलशेप ग्राम के कोटवार राजेन्द्र सिंह रघुवंशी को सांप ने डस लिया। वही बर्धा बुजुर्ग के नॉडल अधिकारी छोटे लाल के पैर में एक सांप लिपट गया। दोनों कर्मचारियों को आनन-फानन में इलाज के लिए अस्पताल में दाखिल कराया गया।
यहाँ हुआ मतदान का बहिष्कार, प्रदर्शन बाकी स्थानों पर शांतिपूर्ण ढंग से चल रहे मतदान के दौरान के मतदाताओं की नाराजगी भी देखने को मिली। छतरपुर जिले के रामपुर कुर्रा में ग्रामीण क्षेत्र के विकास को लेकर बेहद खफा थे। रमनपुरा गांव के ग्रामीणों ने पहले तो नारेबाजी करते हुए मतदान का बहिष्कार किया फिर मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों की समझाइश के बाद वोट डालने तैयार हुए। इनका कहना था कि गांव में जब तक 'रोड नहीं तो वोट नहीं'। इसी तरह प्रशासन की बड़ी लापरवाही छिंदवाड़ा और आगर-मालवा जिले में देखने को मिली, जहाँ प्रत्याशियों को पूर्व में आवंटित चुनाव चिन्ह की जगह बेलेट पेपर में दूसरा चुनाव चिन्ह छाप दिया गया। जिससे प्रत्याशी और उनके समर्थक काफी नाराज हुए, फिर उन्होंने निर्वाचन विभाग को चुनाव रद्द कराने की मांग की है।
यहाँ हुआ मतदान का बहिष्कार, प्रदर्शन बाकी स्थानों पर शांतिपूर्ण ढंग से चल रहे मतदान के दौरान के मतदाताओं की नाराजगी भी देखने को मिली। छतरपुर जिले के रामपुर कुर्रा में ग्रामीण क्षेत्र के विकास को लेकर बेहद खफा थे। रमनपुरा गांव के ग्रामीणों ने पहले तो नारेबाजी करते हुए मतदान का बहिष्कार किया फिर मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों की समझाइश के बाद वोट डालने तैयार हुए। इनका कहना था कि गांव में जब तक 'रोड नहीं तो वोट नहीं'। इसी तरह प्रशासन की बड़ी लापरवाही छिंदवाड़ा और आगर-मालवा जिले में देखने को मिली, जहाँ प्रत्याशियों को पूर्व में आवंटित चुनाव चिन्ह की जगह बेलेट पेपर में दूसरा चुनाव चिन्ह छाप दिया गया। जिससे प्रत्याशी और उनके समर्थक काफी नाराज हुए, फिर उन्होंने निर्वाचन विभाग को चुनाव रद्द कराने की मांग की है।

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