रेवांचल टाईम्स - आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला में चिकित्सा व्यवस्था जर्जर हो चुकी न ही समय में डॉक्टर आते है और न समय मरीजो को समय मे ईलाज मिल पा रहा है वही जो डॉक्टर आ रहे है वह कुछ समय पहले ही रिश्वत लेते धरा चुके है इस आदिवासी जिले में न कोई सुनने वाला है और न ही देखने वाला है भगवान भरोसे चल रहा है चिकित्सा व्यवस्था आये दिन कुछ न कुछ मामलों के विवादित डॉक्टर मनोज मुरारी सुर्खियों में बने रहते है वही फिर आया नया मामला सामने आय की डॉ इलाज के नाम पर नीचे क्लीनिक पर मांग रहा ₹500 एक्स्ट्रा चार्ज
मंडला हमेशा विवादित डॉक्टर मनोज मुरारी का नया मामला जिला अस्पताल मंडला से सामने आया है जहाँ पर पीड़ित मरीज के परिवार वालों ने बताया की पीड़ित 3 दिनों से जिला अस्पताल पर भर्ती है मगर 2 दिन बाद डॉक्टर साहब का राउंड लगा पर्ची पर कुछ दवाइयां लिखी और बोला यह दवाई बाहर मिलेगी यहाँ उपलब्ध नही है लिखी गई दवाईया मंडला नगर की सभी मेडिकल दुकानों को छान मारा गया मगर पर डॉक्टर साब के द्वारा लिखी गई वह दवाई नहीं मिली वापस आने पर जिला अस्पताल के स्टाफ ने बताया की जो डॉक्टर मुराली ने दवाई लिखी है वह कही नही मिलेगी केवल आपको रिलायंस पेट्रोल पंप के पीछे डॉ मनोज मुरारी का निजी अस्पताल है वहां मिलेगी मरता क्या न करता मरीज के परिवार वाले जब वह दवाई लेने डॉक्टर मनोज मुरारी की निजी क्लीनिक पर पहुंचे तो वहां पर बैठा हुआ स्टाफ दवाई का पैसा तो सही अलग से ₹500 मांग रहे थे पूछने पर बताया गया कि यह डॉक्टर साहब की फीस है जब मरीज जिला अस्पताल पर एडमिट है तो फिर यह डॉ मनोज मुरारी इनसे ₹500 किस बात की फीस मांग रहे हैं उन्होंने कहा कि इनका तो शासकीय अस्पताल मंडला पर देखा था और आप किलिनिक मे उनकी फीस माग रहे है, वही हम आपको जानकारी के लिए बता दें इससे पहले भी यह भ्रस्ट रिश्वत खोर ड्राक्टर जबलपुर लोकायुक्त के हाथों रंगे हाथ पकड़ा चुके हैं उसके बाद भी पैसों के लिए यह इस हद तक गिर जाएंगे यह बड़े सोचने वाली बात है। पर बेचारी जनता करे भी तो क्या...

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