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Monday, June 6, 2022

बालाघाट जिले में 10 सालों से बीआरसी के पद पर पदस्थ शिक्षकों को कब हटायेगी सरकार





प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है बीआरसी के कार्यकाल की जांच हो तो अनेकों अनियमितता उजागर होगी


रेवांचल टाइम् लांजी। अधिकारी स्तर के पदों पर प्रतिनियुक्त कुछ वर्षों के लिए ही होती है परंतु बीआरसी के पद पर प्रतिनियुक्त में पदस्थ कई शिक्षकों को 10 वर्ष हो गए हैं और आगे कितने वर्षों तक और पदस्थ रहेंगे यह कहा नहीं जा सकता राजनीतिक संरक्षण एवं प्रशासनिक अधिकारियों की शह पर जिले में कई बीआरसी 10 वर्षों से निरंतर एक ही जगह पर पदस्थ हैं जबकि शासन के निर्देशानुसार 3 से 4 वर्ष की अवधि के लिए पोस्टिंग होती है एक ही जगह पर पदस्थ होने के कारण कई तरह की अनियमितताएं हो रही है और इस वर्षा तो सीधे बीआरसी के खाते में राशि आने के कारण वे और पावरफुल होकर मनमर्जी से कार्य कर रहे हैं बालाघाट जिले के 10 विकास खंडों में ऐसे कई विकासखंड है जहां के बीआरसी 10 वर्षों से भी अधिक से पदस्थ हैं ऐसा लगता है कि मानो इन शिक्षकों के अलावा बालाघाट जिले में और कोई योग्य शिक्षक है ही नहीं जानकारी के मुताबिक बालाघाट जिले के अधिकांश विकास खंडों में पदस्थ बीआरसी का कार्यकाल 3 से 4 वर्षों में समाप्त हो गई है परंतु शासन स्तर पर इन बीआरसीओ को हटाकर नए शिक्षकों को सदस्य करने की प्रक्रिया नहीं अपनाई जा रही है जिसके चलते अब अनियमितताएं अधिक होने लगी है सर्व शिक्षा अभियान के तहत संचालित स्कूलों के रखरखाव तथा अन्य आकस्मिक वे खेल सामग्री स्वास्थ्य किट आदि की खरीदी हेतु जिला स्तर पर करोड़ों रुपए की राशि आवंटित की जाती है पूर्व वर्षों में यह राशि एस एम सी के खातों में जारी की जाती थी और समिति की अनुशंसा पर व्यय की जाती थी किंतु इस वर्ष यह राशि बीआरसी के व्यक्तिगत खाते में जारी कर दी गई है इसी का फायदा उठाते हुए सामान खरीदी के नाम पर अधिक अनियमितता किए जाने की परंपरा प्रारंभ हो गई है सूत्रों पर भरोसा करें तो जिले के अधिकांश विकास खंडों में विभिन्न दुकानदारों तथा बोगस फर्मों से बिल लगाए गए हैं और उनके खाते में राशि जमा  कराई गई है अगर इन फलों की जांच की जावे तो वास्तविकता सामने आ जाएगी जांच का विषय यह भी हो सकता है कि जिन फर्मों के बील लगाए गए हैं और जींद सामग्रियों की आपूर्ति का उल्लेख किया गया है उन सामग्रियों का मिलान कर लिया जावे शासकीय राशि के दुरुपयोग का मामला सिर्फ बालाघाट तक सीमित नहीं है बल्कि पूरे प्रदेश में इस तरह की अनियमितता हुई है बीआरसी के साथ भी बीआरसी  की नियुक्ति भी 3 वर्षों के लिए होती है परंतु उन्हें भी 3 वर्षों के पश्चात भी नहीं हटाया जा रहा है

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