शासन से ली अनुमित समाप्त, फिर भी तीन सालों से धड़ल्ले चल रहा है क्रेशर, लगातार 30 से 40 फीट ब्लास्टिंग से खत्म हो रहा है पानी का स्रोत खनिज विभाग ने दी मौन सहमति... - revanchal times new

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Tuesday, May 24, 2022

शासन से ली अनुमित समाप्त, फिर भी तीन सालों से धड़ल्ले चल रहा है क्रेशर, लगातार 30 से 40 फीट ब्लास्टिंग से खत्म हो रहा है पानी का स्रोत खनिज विभाग ने दी मौन सहमति...






रेवांचल टाईम्स - मंडला आदिवासी बाहूल्य जिले में नियम कानून को ताक में रख कर सब अबैध कामो को वैध तरीके से किया जा रहा है और जिम्मेदार मूकदर्शक बनकर सब देख रहे है और बस अपना और अपने चाहेते को कैसे फायदा पहुँचाया जाए ये नए नए आयाम की खोज करते नजर आ रहे है ।

          वही जिले की मुखिया कलेक्टर हर्षिका सिंह आये दिन जिले के जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारियों को आदेश देती है कि अबैध कामो पर रोक लगाए और सख्त कार्यवाही करे पर इनके अधीनस्थ अधिकारी कर्मचारी केवल मेडम का आदेश को सुन लेते है उसमें अमल करते नजर नही आ रहे जिसके कारण से आज जिले में हर अबैध बैध तरीके से किया जा रहा और कभी कभार छोटी मोटी कार्यवाही कर मेडम को अवगत करा दिया जाता है और बड़े बड़ो को छोड़ दिया जाता है। 

            वही जिले में क्रेशर से दर्जनों एकड़ भूमि हो चुकी है बंजर बढ़ते प्रदूषण से बढ़ रहा है अनेक प्रकार के बीमारियों का खतरा

लोगों में मंडरा रहा है क्रेशर परिषर में नही लगाए पेड़ बना दी खाई..

  मंडला जिले में दर्जनों क्रेशर ऐसे है जो लगातार प्रशासन की अनदेखी के कारण नियम विरुद्ध संचालित हो रहे है। और जिम्मेदार विभाग को सब पता है और अबैध तरके से चल रहे इन क्रेशरों पर कार्यवाही न करना बल्कि उन्हें अपना संरक्षण देना आखिर क्या बजय है।

        जिला प्रशासन और विभाग में बैठे जिम्मेदारों को सब कुछ पता होने के बाद भी मनमानी कर रहे क्रेशर संचालकों पर कोई कार्यवाही नही की जा रही है। कुछ ऐसा ही मामला जनपद पंचायत नैनपुर के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत चिचौली का सामने आया है जहाँ पर स्थानीय लोगों ने बताया की क्रेशर संचालकों की मनमानी इतनी बढ़ गई है की नियम विरुद्ध लगातार रात दिन क्रेशर चालू है वही प्रदूषण बोर्ड का बार-बार हवाला दिया जाता है पर क्रेशर मालिको ने प्रदूषण बोर्ड के नियमों धज्जियाँ उड़ा रहे है साथ ही क्रेशर के 4 से 5 किलोमीटर तक चारों तरफ डस्ट की धुंआ ही धुंआ छाया रहता है स्थानीय ग्रामीण परेशान है बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।


आसपास की कृषि भूमि बंजर तपदील हो चुकी है


         वही स्थानीय लोगो ने बताया है की जब से क्रेशर संचालित है तब से लेकर अब तक आसपास की दर्जनों एकड़ कृषि भूमि बंजर में तपदील हो गईं है यह भूमि फसल उगाने लायक नही बची। क्योंकि क्रेशर की डस्ट इतनी दूर तक उड़ती है की परत दर परत जम रही है जिससे खेतो की नमी और उर्वरक क्षमता खत्म हो जाती है। क्रेशर के आसपास कोई फसल लगाया ही नही जा सकता है जबकि क्रेशर के आसपास खेती योग्य भूमि है खेत भी बने हुए है और फसल भी लगाई जाती है पर अंत मे किसान को इन खेतो से सिर्फ भूसा ही मिलता है साथ ही ये क्रेशर के कारण लगातार नदी नालो के पानी को भी दूषित कर रहे है।

         वही नैनपुर के ग्राम चिचोली में संचालित क्रेशर को शासन से क्रेशर संचालन हेतु संचालक श्री गेंद लाल पटले निवासी महाराजपुर जिला मंडला को पत्थर गिट्टी खुदाई व क्रेशर संचालन के लिए खसरा क्रमांक 327 रकवा क्रमांक 3.00 को दिनांक 1-1 2009 से 31-12- 2018 तक कि क्रेशर संचालन की अनुमति प्रदान की गया थी, स्वीकृति की अनुमति समाप्त होने के बाद भी आज दिनांक तक खुलेआम क्रेशर चालू है और प्रदाय की गई लीज की अवधि भी समाप्त हो चुकी है फिर भी क्रेशर संचालन हो रहा है और खुदाई भी जारी है आखिर किसकी सहमति से अबैध खुदाई जारी है क्या खनिज विभाग के आँखों मे पट्टी बंधी हुई है जो शासन से ली गई अनुमति की तिथि समाप्त हो चुकी है और इनके द्वारा चार सालों से आज दिनांक तक अबैध खुदाई कर क्रेशर का संचालन किया जा रहा है इस अबैध संचालन से शासन को कितना राजस्व का नुकसान हो रहा है ये जाँच के बाद ही पता चलेगा वही जानकारी के अनुसार इस अबैध क्रेशर के संचालन से आसपास की भूमि बद से बत्तर हो चुकी है।

         वही आपको बता दे कि आज से 7 से 8 साल पहले क्रेशरो के आसपास छोटे-छोटे जंगल भी हुआ करता था लेकिन आज कि स्थिति ऐसी है कि आपको एक पेड़ भी देखने को नही मिलेंगे जंगल का पतन तब से होता आ रहा है जब से ये क्रेशर संचालित है। क्रेशर संचालक जिला प्रशासन के सह पर नियमो की धज्जियाँ उड़ा रहे है। जिम्मेदार मूकदर्शक बने हुए है। अपने निजी स्वार्थ के चलते सभी नियम और जिम्मेदारी को किनारे रख केवल अपना ओर अपने चहेतों को फ़ायदा पहुँचा रहे है।


पत्थर के लालच में 30 से 40 फ़ीट ब्लास्टिंग कर समतल भूमि बना दिये खाई निकल आया पानी... 


        आपको बता दे कि पैसे कमाने की चाहत में आज प्रकृति के साथ इतना छेडछाड किया जा रहा कि शासन से प्राप्त अनुमति से अधिक की खुदाई कर डाली है और पत्थर निकालने के लालच में क्रेशर मालिक ने स्थानीय लोगो के लिए अनेक प्रकार समस्या उत्पन्न कर चुके है सूत्रों की मुताबिक ग्राम पंचायत चिचौली में ब्लास्टिंग के कारण दूर-दूर तक पानी का स्रोत भी खत्म होता जा रहा है पंचायत के कुछ सार्वजनिक कुआँ है जो पूरी तरह सूख चुके है स्थानीय लोगो ने ये भी बताया कि ग्राम चिचौली और आसपास के ग्रामो में निवास कर रहे लोग लगातार ब्लास्टिंग के कंपन कारण कई घरों के दीवार पर भी हल्की फुल्की दरारे पढ़ गई है। क्रेशर मालिक अपनी मोटी कमाई और मनमानी के चलते हजारों लोगो के जीवन को संकट में डाल दिये है जानकारों के माने तो अगर इसी तरह लगातार ब्लास्टिंग हुई तो इस क्षेत्र में पानी का बेहद गहरा संकट पड़ जाएगा। स्थानीय लोगो ने बताया कि क्रेशर के आसपास से और अपनी जरूरत के हिसाब से दूर दूर से जगह-जगह पर पत्थर निकालने के चक्कर मे खोद कर समतल भूमि को खाई में तपदील कर दिए है जिससे अनेक प्रकार की समस्या पैदा हो गई है इन खाईयो में कई बार गाय बैस भी गिर चुके है ओर कभी भी ऐसे बड़े बड़े हादसा होने की संभावनाऐ बनी रहती है ये भी देख गया है कि जहां पेड़ हुआ करते है अब वो पेड़ भी नही रहे। और पहाड़ो को काट-काट कर पूरा पत्थर निकाल कर खाई नुमा बना दिया गया है। 

        वही स्थानीय लोगों ने बताया कि इस क्रेशर की ग्राम वासियो के द्वारा अनेकों बार नैनपुर में तहसीलदार और मंडला में विभाग को शिकायते की पर आज तक कुछ नही हुआ बस शिकायत होती है जाँच के नाम पर कुछ लोग आते है और देख कर जाते है और कुछ नही होता है लोग शिकायत कर कर के थक चुके है तो अब शिकायत करना भी बंद कर दिए है वही क्रेशर मालिक का कहना होता हैं कि जहाँ लगे जाओ जिसको लगे शिकायत करो मेरा और मेरे क्रेशर का कोई कुछ नही कर सकता तुम लोगो ने कितनी शिकायत की पर आज तक क्या हुआ कुछ नही न सब को ऊपर से लेकर नीचे तक पैसा खिलता हूं तब तो आज तक खुलेआम क्रेशर चला रहा हूं मेरा कोई कुछ नही कर सकता न पत्रकार न अधिकारी क्योंकि सब की भूख इस क्रेशर से कमाई हुई राशि का सबको उनका हिस्से का टुकड़ा समय समय मे देता हूं। तुम लोग कुछ नही कर सकते हो ऐसा सुनने के बाद हम लोग अब शिकायत करने भी बंद कर दिए है सही है कि गरीबो की कौन सुनता है बड़े लोगो का तो पैसा बोलता है।

        अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग के द्वारा किस प्रकार की कार्यवाही की जाती है। या फिर चार सालों से चल रहे बिना अनुमति के इस क्रेशर ओर क्रेशर मालिक श्री पटले जी को अभयदान दिया जायेगा।


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