इसके लेकर फरियादी को लगातार परेशान किया जा रहा था। इससे तंग आकर उसने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में शिकायत की थी। मामले की जांच के बाद शुक्रवार को एसीबी की टीम ने आरोपी कनिष्ठ सहायक विक्रम सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
एसीबी के महानिदेशक भगवान लाल सोनी ने बताया कि जालौर इकाई को परिवादी ने एक शिकायत दी थी। पीड़ित ने बताया कि उसके प्लॉट की रजिस्ट्री करवाने के लिए कनिष्ठ सहायक विक्रम सिंह और कनिष्ठ सहायक राणा राम द्वारा 1 लाख 60 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है। दोनों अधिकारियों का दलाल हीरालाल रुपयों की मांग को लेकर लगातार परेशान कर रहा है।
एसीबी जालौर इकाई के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महावीर सिंह राणावत के नेतृत्व में शिकायत का सत्यापन किया गया तो वह सही पाई गई। जिसके बाद पुलिस निरीक्षक राजेंद्र सिंह चारण और उनकी टीम ने ट्रेप की कार्रवाई की।
इस दौरान आरोपी विक्रम सिंह पुत्र महेंद्र सिंह निवासी जालौर कनिष्ठ सहायक को परिवादी से 1 लाख 11 हजार रुपये लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। एसीबी की कार्रवाई की भनक लगने के कारण आरोपी राणा राम सब रजिस्ट्रार और दलाल हीरालाल मौके से फरार हो गए। दोनों फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।

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