जबलपुर के स्टैंडर्ड मारूती वर्कसोप मे महिलाओ ने मनाया अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस.. - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

रेवांचल टाइम्स अखबार पाठकों से अनुरोध करता है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें.. ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें... साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे ओरों तक भी पहुंचाए.. प्रकाशन हेतु ख़बरें, विज्ञप्ति मोबाइल- 9406771592 पर व्हाट्सएप्प करें

 आवश्कता है  आवश्कता है ....

रेवांचल टाईम्स समाचार पत्र एव वेव पोर्टल में मध्यप्रदेश के सभी संभाग, जिला, तहसील, विकास खंडों, में संवाददाताओं की एंव विज्ञापनों व खबरों से सबंधित व्यक्ति संपर्क करें इन नम्बरों में 👉 9406771592/ 9425117297/ 8770297430/9165745947

Tuesday, March 8, 2022

जबलपुर के स्टैंडर्ड मारूती वर्कसोप मे महिलाओ ने मनाया अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस..





रेवांचल टाईम्स - महिलाओ ने मनाया अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस वही धूमा की श्वेता सतीश सोनी ने केक काटकर महिला दिवस की दी शुभकामनाएं.....

जबलपुर-अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जहां पूरे विश्व में महिला दिवस बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है वही जबलपुर में भी महिला दिवस मारुति स्टैंडर्ड वर्कशॉप में महिलाओं ने केक काटकर महिला दिवस की शुभकामनाएं प्रेषित की वही इस कार्यक्रम में मुख्य आतिथ्य श्वेता सोनी रहे वही मारुति वर्कशॉप स्टाफ में दीपाली जी,संध्या जी ,प्रतीक्षा जी, शिखा जी ,पूनम जी ,नीतू जी,एंव संध्या बालमिक उपस्थित रहीं....


कब से मनाते है अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस



अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने का कार्यक्रम वर्ष 1911 में पहली बार ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, जर्मनी और स्विटजरलैंड में 19 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। 1913 और 1914 के बीच, रूस में महिलाओं ने 23 फरवरी को अपना पहला महिला दिवस मनाया। वहीं यूनेस्को की माने तो पहली बार राष्ट्रीय महिला दिवस 28 फरवरी 1909 को संयुक्त राज्य अमेरिका में मनाया गया था. जिसे सोशलिस्ट पार्टी ऑफ अमेरिका ने न्यूयॉर्क में 1908 के परिधान श्रमिकों की हड़ताल के सम्मान में समर्पित किया, जहां महिलाओं ने कठोर कामकाजी परिस्थितियों का विरोध किया था.

हरियाणा की इन महिलाओं के बिना महिला दिवस अधूरा, पढ़ें कौन हैं ये वीरांगनाएं International Womens Day 2022 दुनिया भर में हर साल 8 मार्च को महिला दिवस मनाया जाता है। इस खास दिन को मनाने का मकसद उन महिलाओं की उपलब्धियों उनके जज्बे उनकी ऐतिहासिक यात्राओं और उनके जीवन को याद करना हैं।


हज़ारों दीपक चाहिए एक आरती सजाने के लिए, हज़ारों बूंद चाहिए समुद्र बनाने के लिए, पर एक “स्त्री” अकेली ही काफी है  समाज बचाने के लिए....

1 comment: