भोपाल: शिवराज सिंह की कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई. इस दौरान राजधानी परियोजना इतिहास बन गई. इसे PWD विभाग में जोड़ दिया गया है. नवकरणीय ऊर्जा और नवीन ऊर्जा के लिए ओंकारेश्वर सौर पार्क 600 मेगावाट, छतरपुर 950 मेगा वाट सौर ऊर्जा पार्क को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. जन सहभागिता से वन समितियां बनेंगी. साथ ही कहा गया कि वन समितियों का गठन ग्रामसभा करेगी और वन समितियों के गठन में वन विभाग का हस्तक्षेप नहीं होगा.
अस्थाई पदों के लिए भोपाल गैस गैस त्रासदी को 5 वर्ष के लिए 1363 पदों पर सहमति दी गई है. राजधानी परियोजना का विघटन कर अब पीडब्ल्यूडी विभाग में संविलियन करने का फैसला कैबिनेट ने कर लिया है. विभाग परिवहन विभाग ग्वालियर की डिपो जमीन को 65 करोड़ 11 लाख में कामतानाथ कंस्ट्रक्शन को देने का फैसला लिया गया है. तराना उज्जैन में 17 करोड़ 70 लाख तराना डेवलपर्स को देने का फैसला लिया है. साथ ही रतलाम में भी दो करोड़ 32 लाख में राशि जमा करने पर सद्गुरु इंटरनेट कंपनी को देने का फैसला लिया है.
7 मार्च से बजट सत्र शुरू हो रहा है. शिवराज सरकार 9 मार्च को विधानसभा में बजट प्रस्तुत करेगी. बजट करीब ढाई लाख करोड़ रुपये का होगा. वित्त विधेयक को मंजूरी के लिए पहले कैबिनेट में प्रस्तुत किया जाएगा.
इन विषयों पर हुई चर्चा:
कैबिनेट बैठक में पीडब्ल्यूडी और वन विभाग का काम बांटने पर
वन विभाग, वन मंडल के सभी काम को संभालेगा
पेसा एक्ट में वन समितियों के अधिकार
पीडब्ल्यूडी को सड़क सरकारी भवनों के रखरखाव की जिम्मेदारी
ग्वालियर और उज्जैन बस डिपो की परिसंपत्ति को नीलाम करने का प्रस्ताव
प्रतिनियुक्ति पर आए अधिकारी कर्मचारी मूल विभाग में भेजे जाएंगे
सिंचाई परियोजना को मंजूरी
पेसा एक्ट में वन समितियों को मिलेगा अधिकार
मध्य प्रदेश पंचायत राज ग्राम स्वराज संशोधन विधेयक 2022
कृषि गैर कृषि उपयोग के लिए जल दरों का पुन: निर्धारण
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