BREAKING
जवाहर नवोदय विद्यालय से दो छात्र लापता | एमपी में बड़ा प्रशासनिक फैसला | जबलपुर में सनसनीखेज वारदात
डिंडोरी मध्यम सिंचाई परियोजना बिठलदेह को लेकर प्रशासन अमले और ग्रामीणों के बीच बैठक, ग्रामीणों ने जताई असहमति... - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

aaj ka akhbar padhen

आज का ई-पेपर

पूरा अखबार पढ़ने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।

ई-पेपर Viewer

Thursday, January 13, 2022

डिंडोरी मध्यम सिंचाई परियोजना बिठलदेह को लेकर प्रशासन अमले और ग्रामीणों के बीच बैठक, ग्रामीणों ने जताई असहमति...




रेवांचल टाईम्स - जिले के करंजिया ब्लॉक के ग्राम पंचायत बिठलदेह में प्रस्तावित बांध डिंडोरी मध्यम सिंचाई परियोजना के अंतर्गत डूब प्रभावित क्षेत्र में अर्जित की जाने वाली भूमि का स्थल निरीक्षण कर  परिसंपत्तियों का पंचनामा तैयार किया जाना कार्यालय नायब तहसीलदार करंजिया तहसील बजाग के द्वारा आदेशित था, जिसका ग्रामीणों और डूब प्रभावित क्षेत्रों के कृषकों का विरोध कर असहमति जताई, कल दिनांक 11 जनवरी को निरीक्षण हेतु चयनित समिति द्वारा जिसमें उस क्षेत्र के पटवारी, सचिव, सहायक सचिव और कोटवारों को सम्मिलित किया गया है, के द्वारा निरीक्षण कर पंचनामा तैयार कराया जाना था लेकिन कृषक या ग्रामीणों के द्वारा इसका विरोध किया गया व प्रशासन के किसी भी तरह के कार्य में सम्मिलित होने से इंकार किया गया , ग्रामीणों के असहमति पर प्रशासन के अधिकारियों और ग्रामीणों ने दिनांक 12 जनवरी 2022 को ग्राम झनकी में बैठक कर संवाद किया जिसमें डूब प्रभावित क्षेत्र के समस्त ग्राम के कृषक और ग्रामीण सम्मिलित हुए, प्रशासन के तरफ से नायब तहसीलदार करंजिया, जल संसाधन विभाग डिंडोरी अधिकारी, बाजाग थाना प्रभारी व अन्य उपस्थित रहे, जिसमें प्रशासन के लोगों के द्वारा ग्रामीणों को प्रशासन के कार्य में सहयोग करने को आग्रह किया गया लेकिन ग्रामीणों ने साफ कह दिया कि किसी भी तरह से सहयोग उनके द्वारा नहीं किया जायेगा, उन्हें बांध किसी भी तरह से स्वीकार्य नहीं है, स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार और प्रशासन सिर्फ अपने बातों को जबरन मानने को मजबूर कर रही है, और प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को भ्रमित कर उनसे सहमति देने को और सहयोग करने को मजबूर किया जा रहा है, और फर्जी तरीके से पंचनामे तैयार कराने का प्रयास किया जा रहा है, बिना किसी प्रकार से जानकारी दिए बगैर सीधे सादे और अशिक्षित आदिवासी लोगों से हस्ताक्षर लिए जाने का प्रयास किया गया है, 


क्षेत्र के 11 गांव हो रहे हैं प्रभावित - 

डिंडोरी मध्यम सिंचाई बांध परियोजना सिवनी नदी में प्रस्तावित है जिसमें  11 गांव प्रभावित हो रहे हैं जिनमें बिठलदेह, चुहचुही माल, चुहचुही रै., झनकी माल, मनकी रै., बहारपुर रै., करौंदी रै., जुगदेई रै., जाड़ासुरंग माल, जाड़ासुरंग रै, हैं, प्रशासन के अधिकारियों के द्वारा बताया गया कि बांध की लंबाई लगभग 4 किलोमीटर और ऊंचाई नदी के तल से 31 मीटर ऊंची होगी। प्रभावित ग्रामों के ग्रामीण उक्त बैठक में उपस्थित रहे हैं और सभी ने बताया कि सर्वसम्मति से उन्होंने बांध को निरस्त किए जाने को लेकर अवगत भी कराया गया है,


बिठलदेह बांध का शुरू से होता रहा है विरोध -

ज्ञात होवे कि उक्त प्रस्तावित सिंचाई परियोजना का विरोध स्थानीय लोगों के द्वारा शुरुआत से होता रहा है, और कई बार प्रशासन द्वारा कार्य प्रारंभ करने का प्रयास किया गया लेकिन ग्रामीणों के विरोध के कारण प्रयास असफल रहा, ग्रामीणों का कहना है कि सरकार और प्रशासन लगातार दबाव बना कर या लोगों को भ्रमित कर कार्यवाही कर रही है, उनका कहना है कि डिंडोरी जिला पांचवी अनुसूचित क्षेत्रों के अंतर्गत आता है और संविधान में यह स्पष्ट है कि बिना ग्राम सभा के अनुमति के कोई भी ऐसा कार्य प्रस्तावित नही किया जा सकता, लेकिन सरकार और प्रशासन के द्वारा संविधान के विरोध में कार्य किया जा रहा है,


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी से चुके हैं ग्रामीणों को आश्वासन कि बांध ग्रामीणों के अनुमति के नहीं बनेगा -

ग्रामीणों ने यह भी कहा कि जब मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान डिंडोरी आए हुए थे तब उन्होंने ग्रामीण जनों को आश्वासन दिया था कि बिना ग्रामीणों के अनुमति से किसी भी प्रकार का कार्य शुरू नहीं किया जायेगा, स्थानीय लोग चाहेंगे तो बनेगा अगर नहीं चाहेंगे तो नहीं बनेगा लेकिन मुख्यमंत्री जी खुद को झूठे साबित कर रहे हैं, 


ग्रामीणों का कहना किसी भी रूप में जमीन नहीं दे सकते, आदिवासी इलाके में ही क्यों सरकार का हमला

ग्रामीणों का कहना है कि वे किसी भी रूप से अपनी जमीन नहीं दे सकते, सरकार आदिवासियों को सीधे सादे और कमजोर समझकर उनसे उनके जमीन को छीनने का प्रयास कर रही है, इस तरह के परियोजना सिर्फ आदिवासियों के क्षेत्र में ही क्यों लाया जाता है और बहुतायत में आदिवासियों को विस्थापित किया जाता है, सरकार आदिवासियों को खत्म करने का साजिश रच रही है 


स्थानीय जनप्रतिनिधियों को लेकर जताया आक्रोश -

बिठलदेह डूब प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियों को लेकर भी आक्रोश व्यक्त किया गया, उनके अनुसार जो उनसे वोट लेकर विधायक सांसद और मंत्री तक बन गए वही लोग उनके आवाज सुनने के लिए नहीं आ सकते, और उन्हें लगातार नजरंदाज किया जाता रहा है, ना तो उनकी बातों को विधायक सुन रहे हैं ना ही सांसद फिर किस बात के जनप्रतिनिधि जो अपने ही क्षेत्र के लोगों का आवाज ना सुने।

No comments:

Post a Comment