रेवांचल टाईम्स - नगर में स्थिीत लांजी बालाघाट रोड मे मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक जों कि वर्तमान में हाऊ बाग बालाघाट रोड़ मे स्थिीत है जहां सन्र 2008 मे एक बडी चोरी की वारदात हुई थी जिसमे करीबन 30 लाख रूपये कि बडी राशि डकैतों द्वारा रातों-रात उडा दि गई थी, जिसमें पूलिस के द्वारा छान - बिन कि गई थी , जिसमें पूलिस को कुछ हासिल नहीं हुआ। शक के आधार पर पूलिस ने कुछ लोगों को पूछताक्ष हेतू उठाया था । लेकिन मुख्य आरोपी पूलिस के हाथ नही लगा और कुछ हासिल नहीं हो पाया अगर पूलिस चाहती तों जांच कर आरोपीयों को पकड लेती। इस संबंध में पूर्व विधायक किशोर समरिते ने मिडीया से चर्चा कर बताया कि सन्र 2008 मंे मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक में जांे चोरी कि वारदात हुई थी । जों नवम्बर के अंतिम में लगभग 30 लाख रूपये कि डकैती हुई थी उस समय बालाघाट जिले के एस पी हरिनारायण तिवारी जिसमें पूलिस ने काफी छान-बिन कि थी । परन्तु उस समय मैं इस मामले को लेकर कोई बडां प्रर्दशन नहीं कर पाया था। पूलिस कि नाकामयाबी देखते हुए बडा अफसोस होता है कि इतनी बडी डकैती उनके नाक के नीचे से हो गई और अभी तक इन्होंने मुख्य आरोपी को गिरफतार नहीं किया यह बडा सोच का विषय है ? इस विषय पर जब मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक के मैनेजर कमलेश रहांगडाले से जानकारी लेनी चाही तों मैनेजर के द्वारा जानकारी न देते हुए पत्रकारों से ही पूछताछ करने लगे तथा उनसे लिखित मंे लैटर मांगा गया और कहा गया कि आप लैटर दे दों मैं उपर अधिकारीयों को पहूचाकर जानकारी आपकों दिलवा दूंगा। ऐसा प्रतीत होता है कि इस डकैती में पूलिस फिर से जांच करती है तो निश्चित हि कोई बडा सुराख हाथ लग सकता हैं। जिसमें कुछ बडे-बडे लोगों के चेहरे सामने आने कि संभावनाए है। वहीं एक ओर बैंक मैनेजर कमलेश रहांगडाले के द्वारा बताया गया की बैंक डकैती के मामले में सी बी आई जांच चल रही है ,और जिसकी जानकारी मैं नहीं दे सकता ।
इस मामले में लांजी पूर्व विधायक किशोर समरिते ने बताया कि -यह डकैती का मामला एक गंभीर विषय है , इस मामले में बात सामने आयी थी इस घटना में उत्तरप्रदेश का एक बडां गिरोह सम्मलित है एवं लांजी नगर के तीन लोग शामिल है। जिसमें लांजी पूलिस ने संदिग्ध लोगों को उठाकर पूछताछ कि और पूलिस ने पूरे लांजी क्षेत्र कि गंभीरताा से जांच कि लेकिन कुछ भी हाथ नहीं आया । लेकिन उत्तर प्र्रदेश के गिरोह के साथ दो ड्राईवर एवं एक लोहा व्यापारी के शामिल होने कि सुचना प्राप्त हुई और बाद में मामला दबाने के लिए पूलिस को भी कुछ हिस्सा मिला था । अगर आज भी पूलिस इस मामले कि तह तक जायेंगी तों इस मामले का खुलासा हो जायेंगा और सारे आरोपी पूलिस कि गिरफ्त में होगें,परन्तु यह हु पूलिस कि नाकामयाबी हैं एक तरफ तो पूलिस नक्लसवादियों को पकडने के लिए जी जान लगा देती है लेकिन यह डकैती का मामला नहीं सुलझा पा रही है।
रेवांचल टाईम्स लांजी बालाघाट से खेमराज सिंह
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