रेवांचल टाईम्स - 11 जनवरी 2022 को जिला सिवनी के 184 गांव में भारी ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। किसान यूरिया सहित संपूर्ण लागत लगा चुका है। किंतु ओलावृष्टि से क्षतिग्रस्त फसलों को पुनः खाद की आवश्यकता है। जिससे किसान अपने परिवार का कुछ भरण पोषण कर सके परंतु ऐसी विपरीत परिस्थिति में भी किसान हो यूरिया एवं डीएपी नहीं मिल पा रही है और व्यापारियों द्वारा किसानों का शोषण कर 267 कि यूरिया 500 से 600 में दी जा रही है इसलिए किसान आंदोलन करने को मजबूर है। किसानों द्वारा बहुत सी मांगों को लेकर पहले भी जिला प्रशासन को एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया है ।परंतु अभी तक किसानों की इन मुख्य मांगों का निराकरण नहीं हो पाया है जिसमें प्रमुख रुप से ओलावृष्टि एवं अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को आरबीसी 6-4 में संशोधन कर ₹50000 प्रति हेक्टेयर के मान से तत्काल राहत राशि दी जावे ओलावृष्टि में प्रभावित क्षेत्र में यूरिया एवं डीएपी खाद की तुरंत व्यवस्था की जावे ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खसरे को इकाई मानकर तत्काल बीमा राशि प्रदान की जाए धान खरीदी समाप्त होने के बाद भी सभी खरीदी केंद्रों में आधी से ज्यादा खरीदी की हुई ठान रखी है धान परिवहन ना हो पाने की स्थिति में 1 महीने से किसानों का भुगतान रुका हुआ है जिसे शीघ्र परिवहन कर किसानों को भुगतान किया जाए इन्हें प्रमुख मांगों को लेकर किसानों द्वारा ग्राम मानेगांव में धरना प्रदर्शन किया जा रहा है ।प्रदर्शन के प्रथम दिन पर किसानों द्वारा जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन फ्री एल एल पटले उप निरीक्षक थाना कान्हीवाड़ा को ज्ञापन सौंपा गया।
अखिल बन्देवार के साथ रेवांचल टाईम्स की एक रिपोर्ट
No comments:
Post a Comment