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Monday, January 17, 2022

अंधी हत्या का खुलासा: जादू-टोना के शक में भतीजे ने ही कर दी वृद्ध दम्पत्ति की हत्या ........पढ़े पूरी खबर




 थाना बरगी अंतर्गत वृद्ध दम्पत्ति की हुई अंधी हत्या का खुलासा

जादू-टोना के शक पर भतीजे ने ही झोपड़ी में सो बडे़ पिता एवं बड़ी मॉ की बके से हमला कर हत्या कर जला दिया शवों को, आरोपी भतीजा पुलिस गिरफ्त में


थाना बरगी अप.क्र. 20/2022    धारा 302,201 भा.द.वि.

नाम पता गिरफ्तार आरोपी - दयाराम कुलस्ते पिता कंधीलाल कुलस्ते उम्र 27 वर्ष निवासी ग्राम चौरई थाना बरगी  


   


रेवांचल टाईम्स: थाना बरगी में दिनॉक 10-1-22 की सुबह चौकी बरगी नगर अंतर्गत ग्राम चौरई में घासफूस की टपरिया मे सो रहे वृद्ध दम्पत्ति की आग से जल कर मृत्यु होने की सूचना पर थाना प्रभारी बरगी श्री रीतेश पाण्डे तत्काल मौके पर पहुंचे, ग्राम चौरई से लगभग आधा कि.मी. दूर  एक खेत मे गॉव के काफी लोग एकत्रित थे। मंजू कुलस्ते उम्र 30 वर्ष निवाीसी ग्राम चौरई वर्तमान निवासी ग्राम गजना बरी ने बताया कि वह सब्जी बेचने का काम करता है दिंनाक 10-1-22 की सुबह उसने अपने पिता जी केे मोबाइल नम्बर पर कॉल किया, पिताजी ने फोन नहीं उठाया तो वह पिताजी से मिलने ग्राम गजना से ग्राम चौरई चिपकन हार लगभग 9 बजे पहुंचा , घर के पास उसकी भाभी को बकरा खदेड़ रहा था, उसने बकरे को पकड़कर बांधा, घर में आग लगी थी सामने से जाकर देखा तो मकान से लगी झोपड़ी मे उसके माता पिता आग से जलकर मृत अवस्था में पड़े थे उसने पिता सुमेरी लाल कुलस्ते उम्र लगभग 60 वर्ष एवं मां श्रीमति सिया बाई उम्र लगभग 55 वर्ष के शव काफी ज्यादा जल चुके थे, आग धीमी हो चुकी थी तथा शव के ऊपर खपरेल के टुकड़े पड़े थे।

 

                    घटना से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। घटना की जानकारी लगते ही प्रभारी नगर पुलिस अधीक्षक बरगी/उप पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीमति अपूर्वा किलेदार एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री शिवेश सिंह बघेल तथा पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री सिद्धार्थ बहुगुणा ( भा.पु.से.) मौके पर पहुंचे । पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री सिद्धार्थ बहुगुणा ( भा.पु.से.)  द्वारा  मौके पर उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों एवं  एफएसएल डाक्टर नीता जैन की उपस्थिति में घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण करते हुये परिजनों से पूछताछ की तथा घटित हुई घटना से गम्भीरता से जांच करने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये। पंचनामा कार्यवाही कर शव केा पीएम हेतु भिजवाते हुये मर्ग कायम कर जांच में लिया गया।


                  दौरान मर्ग जांच के मृतकों के परिवार जनों के समक्ष मृतक सुमेरी लाल गोंड़ के घर का ताला जो झेापडी के बाजू में बना हुआ था तोड़ा गया   तलाशी दौरान मृतक के मकान के दोनों ओर की दीवारों के पास किनारे खुदे हुये थे   तथा पास में एक सब्बल पड़ी थी।


                  पीएम रिपोर्ट मे पीएमकर्मा डाक्टर द्वारा दोनोें मृतक पति -पत्नि की मृत्यु चेहरे, सिर, गर्दन पर किसी धारदार हथियार की चोट से होना लेख किया गया है।


                सम्पूर्ण जांच पर परिस्थिति जन्य साक्ष्य के आधार पर अज्ञात आरोपी के द्वारा   सुमेरीलाल कुलस्ते ़ एवं   सिया बाई की किसी धारदार हथियार से सिर, चेहरे एवं गर्दन पर प्रहार कर चोट पहॅुचाकर हत्या कर साक्ष्य मिटाने की नियत से दोनों मृतकों के शवों को जला देना पाया जाने पर  अज्ञात आरोपी के विरूद्ध धारा 302, 201 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

                   दौरान पतासाजी के मृतकों के परिजनों से पूछताछ की गयी एवं गॉव मे पतासाजी की गयी तो ज्ञात हुआ कि  मृतक सुमेरीलाल कुलस्ते का जमीन को लेकर भाई सुक्लू कुलस्ते एंव कंधीलाल कुलस्ते उर्फ गुड्डा से विवाद था।

                        मृतक के भाई कंधीलाल के परिजनों से सघन पूछताछ की गयी जिन्होनें बेटे दयाराम का लगभग 3 सप्ताह से बाहर होना बताया जिसकी तस्दीक गॉव वालों से की गयी तो ज्ञात हुआ कि दयाराम कुलस्ते घटना दिनॉक 9/10 जनवरी की दरम्यिानी रात मे गॉव में ही था, जो घटना के बाद से गॉव में नहीं दिख रहा है। दयाराम के करीबी दोस्तों के सम्बंध में पतासाजी करते हुये दयाराम के मित्र विशाल से पूछताछ की गयी तो विशाल ने बताया कि दया राम अपने बडे पिता एवं बडी मा से परेशान था, उनको जान से मारने के लिये कहता था।

               संदेही दयाराम कुलस्ते पिता कंधीलाल कुलस्ते उम्र 27 वर्ष निवासी ग्राम चौरई बरगी को सरगर्मी से तलाश कर थाना बरेला क्षेत्र के ग्राम हिनौतिया भोई से अभिरक्षा मे ंलेते हुये सघन पूछताछ की गयी तो दयाराम कुलस्ते ने अपने बडे पिता एवं बडी मॉ की हत्या करना स्वीकार करते हुये बताया कि वह बकरी चराता है, उसका एवं उसके बडे पिता सुमेरी  कुलस्ते का परिवार अलग-अलग रहता है। उसके बडे पिता सुमेरी एवं बडी मॉ सिया बाई जादू टोना कर हमारे परिवार को परेशान करते थे, उसके भाई सीताराम ने इनके जादू टोना के कारण लगभग 4-5 साल पहले आग लगाकर आत्महत्या कर ली थी बडे पिता सुमेरी ने उसके पिता के हिस्से की जमीन पर कब्जा भी कर लिया था, बडे पिता उससे जहॉ मिलते उसे एवं उसके पिता को भला-बुरा कहकर गालियॉ देते थे। जब भी उसके बडे पिता उसके सामने आते थे उसका शारीर कांपने लगता था उसे लगता था कि उसके बडे पिता ने उसके उपर जादूटोना कर दिया है, डर के कारण वह कुछ नहीं कह पता था, उसके बडे पिता सुमेरी लाल जंगल में जहॉ पर पत्तियॉ ज्यादा है वहॉ बकरियॉ भी नहीं चराने देता था, जिसके कारण उसकी बकरियॉ भूखी रह जाती थी, बकरियॉ उसके परिवार के जीवन यापन का मुख्य साधन थी, उसके परिवार की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है, जिस कारण वह अपनी बहन की शादी भी नहीं कर पा रहा था। बडे पिता एंव बडी मॉ के जादूटोना के डर के कारण उनसे लड़ कर अपने पिता के हिस्से की जमीन भी वापस नही ले पा रहा था।  दिनॉक 9-1-22 की रात लगभग 9 बजे वह अपने दोस्त विशाल के साथ बैठा था जिससे कहा कि उसके बडे पिता एवं बडी मॉ जब तक जिंदा रहेंगे, उसका परिवार कभी खुश नही रह सकता, दोनों ने बहुत समय तक उसे एवं उसके परिवारवालों को परेशान कर लिया आ मैं उन दोनो को खत्म कर दूंगा, और फिर अकेले अपने घर गया, घर से बका लेकर पैदल बडे पिता सुमेरी की झोपडी के पास पहुंचा देखा तो बडे पिता सुमेरी एवं बडी मॉ सिया बाई दोनों झोपडी के अंदर खटिया मे सो रहे थे, मौका देखकर उसके दोनों के सिर में 3-4 बार बका से हमला किया  जिससे दोनो की मृत्यु हो गयी। पास ही झोपड़ी के अंदर ही उसे मिट्टी का तेल दिखा तो घटना को छिपाने के लिये उसने पास में ही रखी सूखी लकडियॉ का गट्ठा उठाकर खटिया के नीचे रखकर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दिया। ईट की दीवार के उपर उसे मकान की चाबी रखी हुई दिखी, चाबी उसने उठा ली, ताकि बाजू में बने कमरे  के अंदर देव-दिवाला में जादू टोने की रखी चीजों को भी आग से जलाकर खत्म कर दूंॅ, चाबी से मकान का ताला खोलकर अंदर गया तो देव दिवाला नहीं दिखा, उसे लगा कि जमीन में गडाया होगा तो कमरे में पड़ी लोहे की सब्बल से मकान के दीवाल के दोनो किनारों को खोदकर देखा लेकिन वहॉ भी कुछ नहीं मिला तो सब्बल को कमरे में ही छोडकर मकान में ताला लगा दिया ताकि किसी को शक न हो। झोपड़ी में आग लग चुकी थी चाबी को उसने जलती हुई झोपडी में फेंक दिया, झोपडी में आग लगने से गाय-बैल को नुकसान न हो, वह रस्सी खोलने लगा, रस्सी खोलने मे समय लगने के कारण उसने वहीं पर पड़ा एक चाकू उठाया एवं गाय बैल की बंधी रस्सी को काट दिया एवं चाकू दूर खेत मे फेंक कर बका छिपाने के लिये दीवान फार्महाउस के पीछे जाकर बका को टेमर नदी के गहरे पानी में फेंक दिया, तथा वहीं पर पहने हुये पैंट-शर्ट धो कर चड्डी बनियान में घर जाकर सो गया। अगले दिन सुबह प्रहलाद के साथ काम पर जाते समय घटना के वक्त पहने हुये कपडे लोवर टीशर्ट साथ मे लेकर जबलपुर गया था जहॉ दोनों कपडों को जला दिया एवं ग्राम हिनौतिया भेाई में अपने साले के यहॉ रह रहा था, गॉव लौटकर वापस नहीं आया।


 उल्लेखनीय भूमिका - वृद्ध दम्पत्ति की अधी हत्या का खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार करने में थाना प्रभारी बरगी श्री रीतेश पाण्डे, चौकी प्रभारी बरगी नगर उप निरीक्षक आशुतोष मिश्रा, थाना बरगी के सउनि रवि सिंह परिहार, सउनि बसंत कुलस्ते, सउनि मालिकराम दुबे, आरक्षक राजेश यादव, शेरसिंह बघेल, अरविन्द्र सनोडिया, अनुज बघेल, संदीप उइके, राजेश बरकङे, बसंत मेहरा, पोहप सिंह कुन्जाम, राकेश परतेती तथा क्राईम ब्रान्च के सहायक उप निरीक्षक धनन्जय सिंह, अजय पाण्डे, प्रधान आरक्षक ब्रजेन्द्र कसाना, ब्रम्ह प्रकाश, महेन्द्र पटैल, हर्षवर्धन शर्मा तथा साइबर सेल के आरक्षक अमित पटेल एवं अभिषेक की सराहनीय भूमिका रही।

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