रेवांचल टाईम्स - मध्यप्रदेश सरकार द्वारा स्कूलों को कई गाइडलाइंस को ध्यान में रख कर खोलने की अनुमति दी गई थी। पर कई स्कूलों के प्रबंधन द्वारा मनमाने तरीके से स्कूलो का संचालन किया जा रहा है। वंहीं नगर के कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला चौरई में स्कूल प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित उच्च विद्यालय में सरकारी निर्देश का खुद वहा के शिक्षकों द्वारा ही अनुपालन नहीं किया जा रहा है। जंहां के शिक्षक ही लापरवाह है, वहां के बच्चों का क्या हाल रहेगा। इसके साथ ही सरकार द्वारा स्कूलों के संचालन को लेकर कई जरूरी दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। स्कूलों के निरीक्षण में पता चला कि कोविड-19 को लेकर जारी सरकार के किसी भी आदेश का क्षेत्र के विभीन्न स्कूलो कॉलेजो में इसका पालन नहीं हो रहा है। यह लापरवाही तब हो रही है, जब देशभर में कोरोना के मामले एक बार फिर से बढ़ रहे हैं। बताते चलें कि कोरोना महामारी को देखते हुए सरकार द्वारा स्कूलों को खोलने के पहले गाइड लाइन जारी किया गया था, जिसके अनुसार स्कूल आने वाले सभी बच्चों को मास्क उपलब्ध कराया जाना जरूरी है, जिससे बच्चों में इसका संक्रमण फैलने से रोका जा सके। शनिवार को 2 बजे पड़ताल करने पर देखने को मिला जब विद्यालय में शिक्षक क्लास ले रहे थे तो उस वक्त न तो शिक्षक मास्क लगाए थे औऱ ना ही बच्चे। बच्चे इस कदर आपस मे चिपक के बैठे थे कि बताना बेकार है इस संबंध में स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक उस समय छिंदवाड़ा किसी मीटिंग में गए हुए थे कन्या उच्चतर में देखा गया बताया कि विभाग द्वारा कुछ मास्क उपलब्ध कराई गई थी, जिसे कुछ बच्चों के बीच वितरण किया गया है पर बच्चे लगा कर नहीं आते है, इसपर शिक्षक भी क्या करें।
स्कूल प्रबंधन की लापरवाही से स्कूलों में बिना मास्क के पढ़ रहे बच्चे...
bydigital bharat
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