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इन 2 राशि पर शनि ढैय्या तो इन 3 राशिवालों पर शुरू होने जा रही है शनि की साढ़े साती




 रेवांचल टाईम्स:ज्योतिष शास्त्र में शनि ग्रह सबसे महत्वपूर्ण है। ऐसे में अगर कुंडली में ये शुभ स्थिति में विराजमान होता है तो समस्त सुख प्रदान करता है लेकिन अगर यह कमजोर होता है तो जीवन कष्टों से भर देता है। जी दरअसल इस ग्रह का प्रभाव किसी भी व्यक्ति पर लंबे समय तक रहता है। कहा जाता है जब भी शनि की राशि बदलती है तो किसी राशि पर शनि साढ़े साती शुरू हो जाती है तो किसी पर ढैय्या। ऐसे में आपको हम यह भी बता दें कि आने वाले दिनों में शनि एक बार फिर अपनी राशि बदलने जा रहे हैं।

जी दरअसल आने वाले 29 अप्रैल में शनि अपनी राशि बदलने जा रहे हैं। ऐसे में दो राशियां शनि ढैय्या की चपेट में आने वाली हैं। मिली जानकारी के तहत शनि के कुंभ राशि में प्रवेश करने से मिथुन और तुला वालों को शनि ढैय्या से छुटकारा मिल जाएगा। इसी के साथ कर्क और वृश्चिक राशि के लोग इसकी चपेट में आ जायेंगे। जी दरअसल इन दोनों राशियों पर 29 मार्च 2025 तक शनि ढैय्या रहेगी और शनि ढैय्या की अवधि ढाई साल की होती है। आपको यह भी बता दें कि शनि साढ़े साती की तरह ही शनि की ढैय्या का भी प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर पड़ता है।

वहीं 3 राशियों पर शनि साढ़े साती रहने वाली है। जी दरअसल शनि साढ़े साती की अवधि साढ़े 7 साल की होती है और हर व्यक्ति को अपने जीवन काल में इसका सामना करना ही पड़ता है।आपको बता दें कि 29 अप्रैल 2022 से शनि कुंभ राशि में आ जायेंगे और इस दौरान धनु वालों को शनि साढ़े साती से छुटकारा मिल जाएगा जबकि मीन राशि के लोग इसकी चपेट में आ जायेंगे।

वहीं मकर और कुंभ वालों पर शनि साढ़े साती बनी रहेगी। इसमें मकर वालों पर साढ़े साती का आखिरी चरण शुरू हो जायेगा और कुंभ वालों पर दूसरा चरण। वहीं साल 2022 में शनि 5 जून से वक्री चाल शुरू कर देंगे और 23 अक्टूबर तक वक्री स्थिति में ही रहेंगे। इसी के साथ शनि के वक्री होने की कुल अवधि 141 दिन की होगी। आने वाले 12 जुलाई से शनि वक्री चाल चलते हुए मकर राशि में दोबारा से गोचर करने लगेंगे और 17 जनवरी 2023 में कुंभ राशि में वापस आयेंगे।

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