रेवांचल टाइम्स – अंधेर नगरी चौपट राजा टके सेर भाजी टके सेर खाजा यह कहावत नगर पालिका में सटीक बैठती है नगर पालिका नागरिकों से जुड़ी हुई सबसे अहम कड़ी होने के बाद भी राजा, प्रजा, प्रशासक, भूतपूर्व, आगामी, क्या पक्ष या विपक्ष किसी को भी नगर पालिका की कोई परवाह नजर नहीं आती।
नगर पालिका के राजस्व प्रभारी समस्त फुटकर विक्रेता से 5 रू की जगह वसूल रहे 10 रुपए वो भी बिना रसीद के प्रभारी के कर्मचारी चुटकी बजा कर मागते हैं पैसे।
जब हमारे संवाददाता ने वसूली करने वाले का कर्मचारी का वीडियो में स्पष्ट दिख रहा 10 रुपये लेते वसूली कर्मचारी से पूछने पर कोई जवाब नही दिया, जब उससे पूछा गया की रसीद कट्टा कहा है तो उसने सिर्फ इतना कहा की हमारे प्रभारी से बात करो।
प्रभारी से बात करने पर जब बात की गई तो उन्होंने कहा की हम 5 रु ही वसूलते है में अभी देखता हूं ये गलत है। कहा गया कि कल से ऐसा नहीं होगा। रसीद के बारे में पूछने पर प्रभारी श्री सोनी ने बताया की दुकानदार रसीद नही लेते है लेकिन वही जब हमारे संवाददाता ने दुकानदार से पूछा तो उनके द्वारा 10 रु लेने और रसीद ना देने की बात कही।
दूसरे दिन भी वसूली के लिए वही कर्मचारी आया बिना रसीद कट्टे के और फिर 10 रु की वसूली करा ये हाल पूरे शहर का है।
फिर प्रभारी से बात हुई तो उनका वही रटा रटाया जवाब, वही बात की ऐसा नहीं होता।
वे छोटे व्यापारी जो दिन भर दुकान लगाते है 100–200 कमाते है धूप, बारीश झेलते हैं सोनी जैसे लोग उनको भी नही छोड़ते।
अब सवाल उठता है कि
1 प्रभारी के कर्मचारी लोगो से खुले आम लूट कैसे मचा सकते हैं, कही यह सब किसी की मिली भगत के कारण तो नहीं।
2 इतनी दिलेरी से चुटकी बजाकर दुकानदार से ज्यादा पैसे मगना किसी की शह के बिना तो नहीं हो सकता।
इस बारे मे जब सी एम ओ से बात करना चाहा गया तो उनकी पुरानी आदद फोन नहीं उठा वॉट्स ऐप किया गया तो कोई जवाब नहीं आया।
रेवांचल टाईम्स के साथ विनोद दुबे की रिपोर्ट
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