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Wednesday, December 29, 2021

आफत बनकर आई बारिश..खुले में रखी हजारों क्विंटल धान भीगी

 




अचानक बदलते मौसम से लोगों का जीवन हुआ अस्त व्यस्त लापरवाही के चलते कई क्विंटल धान भीगी मौसम विभाग की चेतावनी के बाद भी नहीं कर पाए व्यवस्था...


रेवांचल टाइम्स ...विगत कुछ दिनों से अचानक पूरे देश प्रदेश में हुए मौसम परिवर्तन का प्रभाव हमारे जिले डिंडोरी में भी है। जहां एक ओर रबी की फसलों के लिए यह बारिश फायदेमंद है वहीं दूसरी ओर बदलते हुए मौसम परिवर्तन से कहीं किसानों की बिकने वाली खरीब की फ़सल धान, आदि की खरीदी एवं विक्रय में किसानों को भयंकर नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। जिले में अनेक धान खरीदी केन्द्रों में मौसम विभाग की चेतावनी के बाद भी धान ढकने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं हुई वही कुछ जगहों पर धान खरीदी केन्द्रों पर धान की फसल उपर से ढंकी तो है पर नीचे से पानी पड़ ही गया है।  निश्चित है कि इस बरसात से जनजीवन प्रभावित हुआ है जहां किसानों को फायदा और नुक्सान का समन्वय है वहीं दूसरी ओर मिट्टी के बर्तन और सामग्री बनाने वाले कुम्हारों के लिए सिर्फ नुकसान ही है। ईंट, मटके और अन्य मिट्टी के बर्तन बनाने वाले कुम्हारों के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती है कि उनके मेहनत से तैयार किए गए सामाग्री को खुले आसमान में भगवान भरोसे छोड़ दिया है। 

सरकार के लाख योजनाओं और दावों के बावजूद भी इस तरह के हथकरघे आज भी घाटे का धंधा कर रहे हैं और उनके जमीनी स्तर पर यथा स्थिति सुधारने का प्रयास असफल साबित हो रहा है। 

मौसम विभाग के द्वारा पहले से बताए जाने के बाद भी पूरे जिले में हो रही धान खरीदी केन्द्रों पर केंद्र संचालक की मनमानी सामने आई है। मढियारास धान खरीदी केन्द्र में‌ धान खरीदी केन्द्रों पर धान के बोरे ढकने की पर्याप्त व्यवस्था ना होने के कारण किसानों की सैकड़ों क्विंटल धान पानी में भींग गई है। अब सवाल यह है कि इस धान की खरीद फरोसत में अधिकारी और प्रशासन क्या नियम निर्देश जारी करते हैं क्योंकि यदि नियम सख्त रहे तो किसानों को नुकसान होगा और यदि नियमों में कुछ नरमी बरती गई तो इस तरह की भीगी धान का बहाना बनाकर शासन को नुकसान होगा, पर शासन का नुकसान उन किसानों के पेट पर डांका डालकर पूरा नहीं किया जा सकता इसलिए इन नियमों में नरमी बरती जानी चाहिए क्योंकि यह हालात धान खरीदी केंद्र के संचालन की गैर जिम्मेदाराना रवैए से पैदा हुए हैं। अब देखना यह है कि इस संबंध में प्रशासन किस तरह के क़दम उठाता है।



रेवांचल टाइम्स से प्रमोद पड़वार की खास रिपोर्ट सच के साथ

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