Breaking

revanchal times new

ग्राम पंचायत सिल्हरी में शौचालय निर्माण में हुआ खुला भ्रष्टाचार जिम्मेदारी से कैसे बचेंगें जिम्मेदार ?...



रेवांचल टाईम्स - आदिवासी बाहुल्य जिले में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी द्वारा देखा गया ग्राम स्वराज का सपना दिव्य स्वप्न तक सिमट कर रह गया है कहने को तो शासन ग्राम पंचायतों में स्वच्छता को लेकर करोड़ो रूपये खर्च कर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने ज़ोरशोर से प्रसार कर रहा है लेकिन धरातल में स्वच्छता अभियान महज कागजों में तक सिमट कर रह गया है जिसकी बानगी है जनपद पंचायत डिंडौरी अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सिल्हरी जहाँ तमाम जिम्मेदारों ने स्वच्छता अभियान अंतर्गत कराये जाने वाले शौचालय निर्माण में नियमों को दर किनार कर खुलकर भ्रष्टाचार करते हुए सरकारी आँकड़ो में शौचालय निर्माण कर आँकड़ो की बाजीगरी के बादशाह बन गए जबकि धरातल में वास्तविकता इनकी कोरी बादशाहत से कोसों दूर है

               गौरतलब  है कि ग्राम पंचायत सिलहरी मैं शौचालयों के नाम पर केवल ढाँचे खड़े कर दिए गए हैं, ढांचे इन्हें इसलिए कहना पड़ रहा है, क्योंकि इन शौचालयों के अंदर ना तो सीट बैठाई गई है, और ना ही सोखते गड्ढों का निर्माण किया गया है, और ना पाइप फिट की गई है, पंचायत कर्मी बड़ी ही चालाकी से शौचालयों के ढांचे ख़ड़े करके प्रत्येक शौचालय के 12000 रुपए के हिसाब से सारी राशि हड़प कर लिए है! कागजों में शौचालय पूर्ण कर दिए गए हैं, लेकिन धरातल में सारे शौचालय अधूरे पड़े हुए हैं, प्रशासन कहता है शौचालयों का उपयोग करो, जब भला शौचालय ही अधूरी पड़े हो तो कैसे उपयोग कर सकते हैं ग्रामवासी, ग्राम पंचायत सिलहरी में पूर्व सचिव राजेश मसराम के द्वारा हर एक निर्माण कार्य में भारी अनियमितता बरती गई है, अगर सघनता से इसकी जांच की जाए, तो लाखों रुपए के घोटाले सामने आ सकते हैं।



रेवांचल टाईम्स से प्रमोद पड़वार की खास रिपोर्ट सच के साथ

Post a Comment

Previous Post Next Post
revanchal times new