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Saturday, November 27, 2021

रुके हुए विकास का ज़िम्मेदार कौन...करोड़ो के अटके पड़े काम, ठेकेदार कर रहे घर में आराम नगर परिषद के जिम्मेदार क्यो है मौन...

 






रेवांचल टाईम्स - आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला की विकास खण्ड निवास में यूं तो निवास नगर परिषद के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि एवं जिम्मेदार अधिकारी निवास के विकास का ढिंढोरा पीटते फिरते हैं विकास के नाम पर लाखों की खरीदी हो जाती है नगर परिषद का दूसरा कार्यकाल समाप्त होने को हैं जानकारी के अनुसार लगभग 6 माह ही बचे हैं, परंतु नगर परिषद कुंभकर्णी नींद में सो रही है। परिषद को निकम्मा कहें तो गलत नहीं होगा नगर की जनता के सामने नगर परिषद का निकम्मापन सामने नजर आ रहा है नगर परिषद के खाते में करोड़ों रुपए होने के बावजूद भी विकास कार्य शून्य हैं।

              वही जानकारी के अनुसार 4 करोड़ के टेंडर अटके पड़े हैं, टेंडर तो हुए लेकिन ठेकेदार ठेका लेकर घर मे आराम फरमा रहे है और नगर परिषद उल्लू की तरह टुकुर टुकुर देख रही है काम शुरू करने में आना कानी कर रही है निवास का विकास इस तरह से थम गया है जैसे किसी की सांसे कुछ समय के लिए थम जाती हैं निवास नगर परिषद विकास की राह तकते तकते बूढ़ी हो चली है परन्तु नगर की स्थिति एक बद से बदहाल सी नज़र आ रही है। नगर परिषद की जनता अपनी मूलभूत सुविधाओं के साथ साथ विकास के लिए बरसों से आंखें बिछाए बैठी है परंतु जिम्मेदारों को आम जनता की भावनाओं की कोई परवाह नहीं है नगर परिषद के प्रत्येक वार्ड पर निवास कर रही जनता एवं नगर परिषद के मतदाता मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं परंतु ऐसा लगता है उनकी आवाज सुनने वाला कोई नहीं वहीं चुनाव के पहले वर्तमान नगर परिषद अध्यक्ष चैन सिंह वरकड़े ने संविधान की एवं परिषद की शपथ लेते हुए निवास नगर को विकास की ऊंचाइयों में ले जाने की बात कही थी। परंतु लोगों के निगाहों में खरे नहीं उतर सके अब सिर्फ 6 माह ही नगर परिषद के पास बचे हुए हैं ऐसे में बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या बीते हुए समय जिसमें विकास कार्य नहीं हो पाए हैं उनकी भरपाई परिषद कर पाएगी..? नगर परिषद अध्यक्ष के द्वारा विकास और कार्य का चुनावी एजेंडा को शामिल किया गया था और जनता से वादा किया गया था कि नगर परिषद को विकास की राह पर ले जाएंगे पर ऐसा लग रहा है कि कोई भी चुनावी वादा पूरा नहीं हो पाएगा। परिषद द्वारा न ही हाट बाजार निर्माण हो पाया है, ना ही बावरी निर्माण हो पाया है, ना ही रेन बसेरा निर्माण, ना ही सब्जी मार्केट और ना ही नगर का सौंदर्यकरण हो पाया है। वही स्थानीय लोगो की माने तो नगर परिषद निवास की जनता विकास के लिए तरस रही है। और वर्तमान में जो मॉडल रोड बनाई गई है जिसकी लागत लगभग 80 लाख है लाखों खर्च होने के बाद भी रोड गुणवत्ताहीन है।



 इतने पड़े है अटके काम, क्या मुँह लेकर पहुँचेगी कांग्रेस जनता के द्वारा 


 पुरातन वाबड़ी का टेंडर करके ठेकेदार 8 माह से गोल, लागत राशि लगभग 35 लाख 


 पुरानी जनपद दुकानों का निर्माण 1 साल से ठेकेदार ने टेंडर लिया है परंतु काम नही लगा रहा है लागत राशि लगभग 85 लाख 

  


 चौपाटी बसस्टैंड तिराहा का काम भी नही हुआ सुरू कार्य की लागत राशि लगभग 80 लाख 


 

 वार्ड क्रमांक 5 आदिवासी रेन बसेरा निर्माण लागत राशि लगभग 36 लाख 


 हाट बाजार निर्माण का कार्य भी नहीं हुआ सुरू लागत राशि लगभग 67 लाख 


 आई टी आई वार्ड नंबर 13 दुकानों का निर्माण, लागत राशि लगभग 60 लाख

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