Shardiya Navratri 2021: नवरात्रि (Navratri) के इस पावन अवसर पर कन्या पूजन (Kanya Pujan) के दौरान कौनसी चीजें और कौन सी वस्तु हम उपहार स्वरुप भेंट कर सकते हैं। कन्या पूजन में पांच ऐसी वस्तुएं हैं जिन्हें कन्याओं को इस दौरान उपहार में देने से माता दुर्गा प्रसन्न होती हैं। वहीं नवरात्रि में मां दुर्गा के उपासकों के लिए कन्या पूजन अनिवार्य माना जाता है। कन्या को भोजन करवाने से मातारानी प्रसन्न होती हैं और भक्तों को सुखी व संपन्न रहने का आशीर्वाद देती हैं। इसके साथ ही कन्या पूजन में कन्याओं को उपहार देने की भी प्रथा सदियों से चली आ रही है। कन्या भोज करवाने के पश्चात कन्याओं को उपहार देकर विदा किया जाता है। ऐसा करने के बाद ही आपको व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है और आपका व्रत पूर्ण माना जाता है। तथा इसके बाद ही आपको मां भवानी का आशीर्वाद मिलता है। तो आइए जानते हैं कन्या पूजन के दौरान पांच ऐसी वस्तुएं जो कन्या पूजन में कन्याओं को भेंट करनी चाहिए।
नारियल
कन्याओं को भोजन करवाने के बाद विदा करने के समय नारियल का टुकड़ा देकर विदा करना अत्यंत ही शुभ माना जाता है, क्योंकि इसे श्रीफल माना जाता है। यानी इसका संबंध सीधा माता लक्ष्मी से होता है। कन्याओं को नारियल देने से माना जाता है कि, आपके घर में सुख-समृद्धि और ऐश्वर्य प्राप्त होने का आशीर्वाद प्राप्त होता है और घर में कभी धन की कमी नहीं होती है।
फल
नवरात्रि में कन्या पूजन के दिन कन्याओं को विदा करते समय कम से कम एक फल उसे अवश्य दें। वहीं फलों में सबसे शुभ केला माना जाता है। केला या फिर सेब कन्याओं को देना चाहिए। वहीं केला को भगवान विष्णु से संबंधित माना जाता है। इसे नवरात्रि में कन्याओं को देने से श्रीहरि का साक्षात आशीर्वाद प्राप्त होता है।
चुनरी अथवा लाल वस्त्र
नवरात्रि में कन्याओं का चुनरी अथवा लाल वस्त्र अवश्य भेंट करें। वहीं कन्या पूजन के दिन तो कन्याओं को विदा करते समय कन्याओं को अवश्य ही चुनरी अथवा लाल वस्त्र जरुर भेंट करें और उनका आशीर्वाद प्राप्त करें। इसका दान करने से संतान सुख से वंचित दंपत्तियों को संतान की प्राप्ति होती है और उनके घर-परिवार में खुशियों का वातावरण बना रहता है।
चावल और जीरा
नवरात्रि में कन्याओं को चावल देकर विदा करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। जब आप शादी के बाद बेटी को विदा करते हैं तो आंगन में अक्षत डालकर उसे विदा करना चाहिए। वहीं नवरात्रि में कन्याओं को चावल देकर विदा करने से घर में सुख-समृद्धि और धन का वास होता है।
सिक्का
वहीं नवरात्रि में कन्याओं को विदा करते समय कुछ सिक्के दक्षिणा के रुप में अवश्य देने चाहिए। कन्याएं मां भवानी का रुप लेकर आपके घर में आती हैं और इन्हें प्रसन्न करने का मतलब है कि, आपने मातारानी को प्रसन्न कर लिया। इसीलिए कन्या पूजन के दौरान आप 11,21 या 31 अथवा जो भी आपकी सामर्थ्य और श्रद्धा हो उसी के अनुसार आप कन्याओं को दक्षिणा के रुप में सिक्के भेट कर सकते हैं।
(Disclaimer: इस स्टोरी में दी गई सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं।
रेवांचल टाइम्स इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन तथ्यों को अमल में लाने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)
No comments:
Post a Comment