रेवांचल टाईम्स - चौरई दशहरे पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने गणवेश में पथ संचलन किया। शहर में पंथ सचलन का सामाजिक संस्थाओं व दुकानदारों की ओर से जगह-जगह स्वागत किया गया।
रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थानीय शाखा के गणवेशधारी स्वयंसेवक चांद रोड स्थित स्टेडियम ग्राउंड पर एकत्र हुए। इस मौके पर अस्त्र-शस्त्रों की विधि विधान से पूजा अर्चना की गई। इसके बाद खाकी पैंट, काली टोपी व सफेद शर्ट हाथों में लाठी लिए गणवेशधारी स्वयंसेवकों ने पथ संचलन किया जो गुड़ मंडी , सिवनी रोड, चांद रोड, मालानी मेडिकल चौक होते हुए वापस स्टेडियम जाकर समाप्त हुआ। इस दौरान संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि 1925 में विजयदशमी को ही नागपुर में राष्ट्रीय सेवक संघ की स्थापना हुई थी। 96 वर्षों में आरएसएस विशाल संगठन हो गया है। उन्होंने संघ के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन पर प्रकाश डाला। बताया गया कि कोरोना प्रोटोकॉल के चलते जिले में कई स्थानों पर छोटे-छोटे समूहों में पथ संचलन किया गया। इस दौरान शहर के सामाजिक, धार्मिक संगठनों व व्यापारियों-दुकानदारों ने फूल बरसाकर स्वागत किया। इस दौरान मुख्य वक्ता अमोल डबली, भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष विधायक पं रमेश दुबे, रामदयाल राय,जितेंद्र निवारे, विशाल कहार, अमित
यादव, गोलू तिवारी, सुशील तिवारी,दिनेश धेनुसेवक सहित समस्त स्वयं सेवक उपस्थित रहे।
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