रेवांचल टाइम्स - जबलपुर मध्यप्रदेश के निजी स्कूलों को तगड़ा झटका लगा है। प्रदेश में प्राइवेट स्कूलों की फीस को लेकर हाईकोर्ट ने सरकार से जानकारी मांगी है।
सरकार से पूछा की फीस रेग्युलेटरी एक्ट लागू करने के लिए क्या किया?
हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ में सुनवाई हुई। उच्चतम न्यायालय द्वारा निजी स्कूल एसोसिएशन द्वारा लगाई गई याचिका को निरस्त कर दी। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के नवंबर 2020 के आदेश को ही सही माना है और पालन के लिए सभी निजी स्कूलों द्वारा ली जा रही फीस को सार्वजनिक करने का आदेश दिया है। जागृत पालक संघ मध्यप्रदेश के अध्यक्ष वकील चंचल गुप्ता ने बताया कि स्कूल एसोसिएशन की ओर से उनके अधिवक्ताओं ने मांग रखी कि अब शासन के आदेशानुसार स्कूल खोले जा चुके हैं। उन्हें पहले की तरह पूरी फीस वसूलने और फीस बढ़ाने की छूट मिलनी चाहिए। याचिका की अगली सुनवाई होने तक न्यायालय द्वारा पूर्व में दिया गया निर्णय ही मान्य होगा, जिसके अनुसार निजी स्कूल केवल शिक्षण शुल्क ही ले सकेंगे। फीस में किसी तरह की वृद्धि नहीं कर सकेंगे और न ही फीस के अभाव में बच्चों को पढ़ाई, परीक्षा या किसी अन्य सुविधा से वंचित करेंगे।

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