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Monday, October 4, 2021

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का बन रहा मजाक, उठ रहा है भरोसा नैनपुर नगर राजस्व विभाग के संबंधित अधिकारी शिकायतों को कर रहे हैं, नजरअंदाज...





रेवांचल टाइम्स :- जिले में सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत विभागों ने जहां जानकारी देने से बचने के लिए अलग-अलग नियम बना रखे हैं वहीं इसके तहत की जाने वाली अपील भी मजाक बन कर रह गईं हैं। आलम यह है कि महज 90 दिन में जिस प्रकरण का निराकरण पूरी तरह करना है, उसकी सुनवाई महीनों तक चलती रहती है। इससे अधिकारियों की मंशा खुद ही स्पष्ट हो जाती है। 

इसी तरह मप्र शासन ने जनता के हित में सीएम हेल्पलाइन शुरु की थी ताकि इनका लाभ आमजन को समय पर मिल सके और भ्रष्ट अधिकारियों की पोल खुलकर सामने आ सके, जिसमें जमकर लीपापोती की जा रही है।


संबंधित विभाग के अफसर जमीनी स्तर पर काम करने की बजह दफ्तर में बैठकर संबंधित अधिकारियों द्वारा इसका निराकरण कर झूठी वाहवाही लूटी जा रही है और सीएम हेल्पलाइन से कॉल होता है कि आपका निराकरण हो गया है तो इसकी पोल खुल जाती है। संबंधित अफसर कागजों में निराकरण कर झूठी प्रशंसा पाने में लगे हुए हैं। 

इतना ही नहीं हर सोमवार को कलेक्टर भी सीएम हेल्पलाइन की मॉनीट्रिंग करते हुए अफसरों से जानकारी लेते हैं  फिर भी निकारण होना मुनासिब नहीं हो पा रहा है और लोग न्याय पाने के लिए कभी इस दफ्तर तो कभी उस दफ्तर भटक रहे हैं।

लेकिन संबंधित विभाग के अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभाने की बजह एक दूसरे के पाले में गेंद उछालते हुए देखे जा रहे हैं फिर भी ऐसे अधिकारियों पर वरिष्ठ अधिकारी कार्रवाई करने की जहमत नहीं बना पा रहे हैं और संबंधित के हौंसले बुलंद है जो पीडि़तों को न्याय दिलाने की बजह सिर्फ कागजों में ही काम करने में विश्वास रखते हैं जनता का भला हो न हो इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ रहा है।


ऐसे कई मामले हैं जिसमें सीएम हेल्पलाइन में शिकायत करने पर भी आज दिनांक तक कार्रवाई नहीं हुई नैनपुर नगर में इन दिनों हाईवे से लगी हुई सरकारी भूमियों पर अवैध कब्जों की भरमार हो चुकी है। जिसकी शिकायत नगर के कुछ पत्रकार एवं आमजन ने सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से मुख्यमंत्री तक पहुंचाई है। लेकिन शिकायत प्रेषित होने के बावजूद राजस्व विभाग के संबंधित अधिकारी द्वारा आज दिनांक तक किसी प्रकार की कार्रवाई अतिक्रमणकारियों पर नहीं की गई। जिससे यह साफ नजर आता है कि, संबंधित अधिकारी अतिक्रमणकारियों से मोटी रकम लेकर बैठे हुए हैं, एवं सीएम हेल्पलाइन की शिकायत में भी लीपापोती कर नजरअंदाज किया जा रहा है।


शिकायतकर्ता तौफीक अली का कहना है की, 

मेरे द्वारा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दिनांक 1 सितंबर 2021 को शिकायत दर्ज की गई थी कि,    


" निवेदन है कि, नैनपुर नगर से होकर नेशनल हाईवे 543 गुजरता है। 

जिसमें अवैध कब्जों की भरमार हो चुकी है। थांवर नदी नैनपुर से लेकर समनापुर तक हाईवे के अगल-बगल शासकीय भूमि पर लोग ठेले मकान एवं दुकान का निर्माण कर अवैध कब्जा कर रहे हैं।

रेवेन्यू विभाग एवं नेशनल हाईवे अथॉरिटी आंख मूंदकर बैठी हुई है।किसी प्रकार की कार्रवाई इनके द्वारा नहीं की जा रही। 

एक ताजा उदाहरण है कि, चकोर नदी के बगल से विवेकानंद स्कूल लगा हुआ है जिसके बगल में एक पक्का निर्माण तीन मंजिला नगर के तथाकथित व्यापारी द्वारा किया जा रहा है। जिसमें विवेकानंद स्कूल की जमीन जो कि एक आदिवासी की है और उसमें निर्माणकर्ता द्वारा सरकारी भूमि पर 10 फीट आगे बढ़ाकर शोरूम का निर्माण किया गया है जो कि शासकीय जमीन पर कब्जा कर राजस्व को हानि पहुंचाना है।

अतः निवेदन है कि मामले की जांच कर तत्काल निर्माण कार्य रोका जाए वा कार्रवाई करने का कष्ट करें।" 


शिकायतकर्ता को शिकायत किए लगभग एक महीना बीत चुका है। परंतु शिकायत जिह अधिकारी को प्रेषित हुई है वह अधिकारी इस मामले पर किसी प्रकार की कार्रवाई या प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं।

जिसकी वजह से ऐसा प्रतीत होता है कि, संबंधित अधिकारी द्वारा अतिक्रमण करता से मोटी रकम लेकर मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, एवं सीएम हेल्पलाइन का मजाक बनाया जा रहा है।

इससे पहले भी शिकायतकर्ता तौफीक अली द्वारा राजस्व विभाग के मामलों को लेकर कुछ अतिक्रमण से संबंधित शिकायतें की गई हैं। जिस पर संबंधित अधिकारी द्वारा केवल खानापूर्ति करते हुए शिकायत को बंद करवाने का निवेदन किया गया है। आज दिनांक तक किसी प्रकार की कड़ी कार्रवाई अतिक्रमणकारियों पर नहीं हुई। जिसकी वजह से नैनपुर में अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं और वह धड़ल्ले से सरकारी भूमियों पर दिनदहाड़े कब जा कर रहे हैं। 


इससे पहले अतिक्रमण कारी जिनकी शिकायत शिकायतकर्ता ने की है उनके द्वारा सरकारी भूमि पर लगे हुए फले फुले पेड़ों को बिना किसी परमिशन के धड़ल्ले से कटवा दिया गया जिसकी शिकायत तौफीक अली द्वारा सीएम हेल्पलाइन में की गई थी उस शिकायत पर भी लीपापोती करते हुए तथाकथित राजस्व अधिकारी द्वारा मामले को दबा दिया गया।


आज नैनपुर नगर में धड़ल्ले से लोग अतिक्रमण कर रहे हैं लेकिन राजस्व विभाग के अधिकारी गहरी निद्रा में सोए हुए हैं। या तो मोटी रकम लेकर अपनी आंखों में पट्टी बांध चुके हैं, या इन्हें किसी भी प्रकार से हो रही राजस्व की हानि से कोई सरोकार नहीं है। जिससे राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि, नैनपुर नगर में राजस्व विभाग अधिक लापरवाह है। संबंधित अधिकारी सीएम हेल्पलाइन को लगातार मजाक बना रहे हैं। सीएम हेल्पलाइन द्वारा प्रेषित की गई शिकायतों का निराकरण नहीं किया जाता। लंबे लंबे समय तक शिकायत जस की तस रहती है। शिकायत का पता चलते ही संबंधित अधिकारी अतिक्रमणकारियों को जानकारी दे देते हैं। ताकि वह कार्रवाई होने के पहले सचेत हो जाएं, या फिर मोटी रकम खर्च कर मामले को दबाने का प्रयास करें।

         इस तरह मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का मजाक तो बन ही चुका है साथ ही लोगों उठ रहा भरोस बनाया जा रहा है मजाक, 

       सरकार या तो इस की उचित जांच कर संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करें या फिर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को हमेशा के लिए बंद कर दे।


✒️ नैनपुर रेवांचल टाइम्स से शालू अली की रिपोर्ट ✒️

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