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Sunday, September 19, 2021

Pitru Paksha 2021: कल से शुरू हो रहे पितृ पक्ष, ज्योतिषाचार्य से जानिए किन कारणों से लगता है पितृ दोष



ज्योतिषाचार्य पंडित अवध नारायण द्विवेदी के अनुसार 20 सितंबर को पूर्णिमा की श्राद्ध होगी। 21 को प्रतिपदा, 22 को द्वितीया, 23 को तृतीया, 24 को चतुर्थी, 25 को पंचमी, 26 को षष्ठी, 27 को सप्तमी, 28 को कोई श्राद्ध नहीं होगा। 29 को अष्टमी, 30 को मातृ नवमी, एक अक्तूबर को दशमी, दो को एकादशी, तीन को द्वादशी, चार को त्रयोदशी, पांच को चतुर्दशी और छह अक्तूबर को अमावस्या श्राद्ध के साथ पितृ विसर्जन होगा।

संगम तीरे पिंडदान से मिलती है पूर्ण शांति

मान्यता है कि संगम तीरे पिंडदान करने से मृत आत्माओं को पूर्ण शांति मिलती है। पूर्वज अपने वंशजों को उनका मनोवांक्षित फल देते हैं। -सुनील पंडा

पितृ ऋण से मुक्त हुए बिना जीवन निरर्थक

हिन्दू धर्म में देव ऋण, ऋषि ऋण और पितृ ऋण का महत्व है। पितृ पक्ष में माता-पिता के प्रति तर्पण करके श्रद्धा व्यक्त की जाती है। बिना पितृ ऋण से मुक्त हुए जीवन निरर्थक माना जाता है। - चन्दन शर्मा

इन कारणों से लगता है पितृ दोष

पितृ दोष के अनेक कारण होते हैं। काशी के पं. ऋषि नारायण द्विवेदी के अनुसार परिवार में किसी की अकाल मृत्यु, अपने माता-पिता आदि सम्मानीय जनों के अपमान, मरने के बाद माता-पिता का उचित ढंग से क्रियाकर्म और श्राद्ध और उनके निमित्त वार्षिक श्राद्ध आदि न करने से पितृ दोष लगता है।

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