भोपाल। भिंड जिले के मेहगांव में वनखंडेश्वर मंदिर के पास भटियारे ताल पर जहां 10 से 12 साल के बच्चे गणेश प्रतिमा विसर्जन करते समय डूबकर मौत के मुंह में समाए, वहां पुलिस का कोई अधिकारी तो क्या, सिपाही तक नहीं था। न ही यहां स्थानीय प्रशासन ने गोताखोरों के इंतजाम किए थे। हादसे के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी। ये बच्चे प्रतिमा विसर्जन के बाद तालाब में नहाने के दौरान हादसे का शिकार हुए।
टीआई तालाब में उतर गए वर्दी उतारकर
जनता का गुस्सा न फूटे, इसलिए टीआई स्वयं वर्दी उतारकर निकर-बनियान में ही तालाब में उतर गए। बच्चे तालाब में से मृत ही निकाले गए। हालांकि चारों को अस्पताल ले जाया गया, जिनमें से 3 बच्चों मृत घोषित कर दिया, जबकि एक की सांस चल रही थी। जिसे इलाज के लिए ग्वालियर ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। तमाम बदइंतजामी से मेहगांव की जनता में रोष है। जिला प्रशासन ने मृत बच्चों के परिजनों को 10-10 हजार रुपए की अंतिम संस्कार सहायता राशि दी है। साथ ही बच्चों के शव निकालने वाले युवक को भी 10 हजार रुपए दिए जा रहे हैं।
इन चार बच्चों की हुई मौत
रविवार को मेहगांव की मौ रोड पर वनखंडेश्वर मंदिर के पास भटियारे ताल पर गणेश प्रतिमा विसर्जन के समय अभिषेक पिता राजू कुशवाह, सचिन पिता मधुराज राजावत, हर्षित पिता कृष्णवीर राजावत व प्रशांत पिता राजू कुशवाह निवासी मौ रोड मेहगांव की गहरे पानी में डूबने से मौत हुई थी। तालाब के आसपास खड़े लोगों ने तत्काल पानी में कूदकर बच्चों को बचाने की कोशिश की, लेकिन बच्चों की जान नहीं बचाई जा सकी।
करू चौधरी ने कहा कि पुलिस नहीं थी
बच्चों के शव निकालने वाले युवक करू चौधरी ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि यहां तालाब पर प्रतिमा विसर्जन के समय न पुलिस थी न गोताखोर थे। यहां बच्चों को जनता के लोगों ने ही बचाने की कोशिश की, लेकिन उनकी मौत हो गई। एक बच्चे को ग्वालियर भी रैफर किया, लेकिन उसकी जान भी नहीं बच सकी।

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