रेवांचल टाईम्स - पुरा ममाला जनपद पंचायत सिवनी के अन्तर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कान्हीवाडा का है जो इस समय भष्टाचार की चरम सीमा पार कर चुकी हैं वैसे तो पुर्व से विभिन्न भष्ट मामलों को लेकर जिला प्रशासन के संज्ञान में है एवं अखबारों की सुर्खियां में बनीं हुई है । सम्बंधित अधिकारियों का मौन रहना मानौ भष्टा
चार को बढ़ावा देना कहां जाएंगे। वहीं इसी बीच एक और मामला सामने आया है।
ऐ है ममाला ......
ग्राम पंचायत कान्हीवाडा के गोलू उर्फ सौरव यादव ठेकेदार उपसरपंच शहजादे माजिद खान निर्माता वार्ड नंबर 18 की नवनिर्मित नाली 1 माह पूर्व वनी लोहे की जगह बांस का उपयोग कर नाली की ऊपरी परत पर लेंटर डाल दिया गया। और एक ही माह में नाली टूट कर चकनाचूर हो गई ऐसी स्थिति ग्राम पंचायत के सभी वार्डों में देखने को मिल जाएगी ग्राम पंचायत द्वारा निर्मित सीसी रोड ओं में भी रोड नहीं सिर्फ गिट्टी नजर आ रही है भारी भरकम भ्रष्टाचार मचाए रखे हैं ।सरपंच सचिव और उपसरपंच ठेकेदार की मिलीभगत की खुली पोल जिसका जीता जाता
उदाहरण वार्ड नंबर 18 मैं देखा जा सकता है ग्राम में जन चर्चा व्याप्त है कि ग्राम पंचायत भवनों के सामने भी सास की जमीन को मोटी रकम लेकर कब्जा दिलाया जा रहा है। दुकानदारों को भ्रष्टाचार की गंगा बहते नजर आ रही है
वहीं दूसरी ओर ग्राम पंचायत द्वारा मंगलवार को पंचायत के द्वारा बेड की बाजार की वसूली भी की जा रही है। जबकि प्रशासन के नियम की खुली धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। क्यों से कि अभी तक बाजार नीलाम नहीं की गई और ना ही ऐसे कोई निर्देश है। उसके बाद भी मनमानी तरीके से बाजार वसूली कर अपने जेब गर्म करने में लगे हैं।
ग्राम में जन चर्चा व्याप्त है कि मुख्यमंत्री आवास मैं भी 10 से ₹20000 की राशि मांगी जाती है उसके बाद हितग्राहियों को सूची में नाम लाया जाता है या भेजा जाता है। ऐसे अनेकों हितग्राही हैं जो अभी भी मकान की जर्जर स्थिति में रहने को मजबूर है
और आज तक उनको मुख्यमंत्री आवास का फायदा नहीं मिल पा रहा हर हमेशा ग्राम पंचायत रानीवाड़ा चर्चाओं में नजर आती है परंतु आज तक उच्च अधिकारियों ने भ्रष्ट ग्राम पंचायत के कारण धारों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की इसलिए ग्राम पंचायत के मुखिया से लेकर दुखिया तक फुल सुख भोग रहे हैं। क्योंकि कार्रवाई शून्य होती है ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर समित जिला पंचायत सीईओ से भ्रष्ट पंचायत के कारण धारों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है पूरे ग्राम पंचायत में कई जगह तो नाली ही नहीं है जैसे तैसे नाली बनाई गई तो ठेकेदार व ग्राम पंचायत के सरपंच उप सरपंच सचिव की मिलीभगत के कारण कम मटेरियल का उपयोग कर निर्मित की गई जिससे हर जगह की नाली अधूरी छोड़ दी गई है वह कहीं कहीं की नालियां तो बांस की बालियों में लेंटर डाल के पूरी कर दी गई है जो 1 माह से 2 माह के बीच ही धसना चालू हो गई ऐसी भ्रष्ट पंचायत पर क्यों मेहरबान उच्च अधिकारी।


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